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Violence in Mothabari: यहां के लोग अब नहीं चला पाएंगे इंटरनेट, 34 लोग पहुंचे सलाखों के पीछे, इस वजह से सरकार ने लिया एक्शन

Violence in Mothabari

Violence in Mothabari

कोलकाता/मालदा : Violence in Mothabari पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मोथाबाड़ी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में एक दिन पहले दो समुदायों के बीच हुई झड़प के बाद 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं। क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के बीच दिनभर स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन शांतिपूर्ण रही। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को तीन अप्रैल तक हिंसा पर कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह अपेक्षा की जाती है कि राज्य को सतर्कता से काम करना चाहिए तथा ऐसी हिंसा से प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।

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Violence in Mothabari राज्य की मंत्री और स्थानीय टीएमसी विधायक सबीना यास्मीन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “हमने अभी-अभी समुदायों और समूहों के बीच शांति बैठक पूरी की है। बैठक बहुत सकारात्मक रही। हमें पूरा भरोसा है कि स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी।” उन्होंने कहा कि इंटरनेट निलंबन के बावजूद, आगामी ईद और रामनवमी उत्सव के मद्देनजर धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू नहीं की गई। मंत्री ने कहा, “रामनवमी और ईद के त्यौहार के कारण यह निर्णय लिया गया था कि धारा 144 नहीं लगाई जाएगी। लेकिन पुलिस और प्रशासन ने यह संदेश फैला दिया है कि किसी भी बड़ी भीड़ को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” राज्य सशस्त्र पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान शुक्रवार को संघर्षग्रस्त मोथाबाड़ी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे।

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पुलिस महानिरीक्षक राजेश यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राज्य सशस्त्र पुलिस और आरएएफ की तीन कंपनियां कालियाचक ब्लॉक के संवेदनशील इलाकों में निगरानी रख रही हैं। उन्होंने कहा, “हमारे लोग लगातार इलाके पर नियंत्रण करने की कवायद कर रहे हैं और पुलिस दस्ते बाजारों समेत पूरे इलाके में घूम रहे हैं।” मालदा पुलिस ने ‘एक्स’ पर लिखा, “अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ छापेमारी और गिरफ्तारी के अलावा, कानून- व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में रणनीतिक रूप से पुलिस पिकेट लगाए गए हैं।” पोस्ट में कहा गया है कि किसी भी अप्रिय स्थिति का तुरंत जवाब देने के लिए मोबाइल यूनिट सक्रिय हैं, साथ ही पुलिस की मौजूदगी को मजबूत बनाने के लिए बलों को तैनात किया गया है। जिला पुलिस ने कहा, “24 घंटे गश्त जारी है और अशांति पैदा किए जाने की आशंका के बारे में किसी भी सूचना पर कार्रवाई की जा रही है।” पुलिस ने कहा कि जिले में सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) की तैनाती नहीं की गई है।पुलिस ने कहा, “अब तक छह मामले दर्ज किए गए हैं और कुल 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में कड़ी पुलिस निगरानी जारी है।”स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार शाम को एक धार्मिक जुलूस के एक पूजा स्थल से गुजरने के बाद बृहस्पतिवार को उपद्रव शुरू हुआ। हिंसा के कारण आगजनी, तोड़फोड़ और लोगों पर हमले हुए।

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