ASI Bhojshala OrderImage- AI Generated
ASI Bhojshala Order: मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला पर हाई कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया था। अदालत ने भोजशाला को मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष को पूजा करने की इजाजत भी दे दी है। साथ ही कोर्ट ने ब्रिटिश म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी की मूर्ति को वापस भारत लाने के निर्देश दिए है।
इसी बीच अब धार भोजशाला पर ऐतिहासिक मोड़ सामने आया है, हाईकोर्ट के फैसले के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने नया आदेश जारी किया है, अब साल के सभी दिन हिन्दुओं को बिना किसी रोक-टोक के पूजा करने की अनुमति मिल गई है।
ASI (ASI Bhojshala Order) ने नई विज्ञप्ति में “कमाल मौला मस्जिद” का उल्लेख हटाकर केवल “भोजशाला” नाम दर्ज किया है। आदेश में भोजशाला को “राजा भोज द्वारा स्थापित संस्कृत पाठशाला” के रूप में संबोधित किया गया है। वही हाईकोर्ट के फैसले और ASI के आदेश के बाद हिंदू संगठनों व श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।
विधायक आरिफ मसूद ने जाहिर की नाराजगी
कोर्ट के इस फैसले (ASI Bhojshala Order) पर विधायक आरिफ मसूद ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा एएसआई ने गलत तथ्य रखे उसी को मानकर कोर्ट ने फैसला दिया है। विधायक ने बताया कि वह फैसले से सहमत नहीं है। भोजशाला में नमाज नहीं पढ़ने के फैसले पर कहा कि फिलहाल एडमिनिस्ट्रेशन को ऐसा कोई फैसला नहीं लेना चाहिए, क्योंकि हम लोग सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने ये भी कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट से फैसला नहीं होता तब तक मुसलमानों को नमाज पढ़ने से नहीं रोका जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कानून का मैं सम्मान करता हूं सभी लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने तक संयम बनाए रखें।