जम्मू, 22 जनवरी (भाषा) श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस के निरस्तीकरण से प्रभावित 50 छात्रों के लिए यह राहत की खबर आई है कि जम्मू कश्मीर व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा बोर्ड (बीओपीईई) ने केंद्र शासित प्रदेश के सात सरकारी कॉलेजों में उनके समायोजन के लिए काउंसलिंग की नई तारीख 24 जनवरी तय की है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार ने मेडिकल कॉलेज के चयनित एमबीबीएस उम्मीदवारों के लिए कॉलेज आवंटन का मुद्दा हल कर लिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘बीओपीईई द्वारा काउंसलिंग कार्यक्रम जारी किए जाने के बाद अब चयनित उम्मीदवार अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं।’
बीओपीईई के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर गुरविंदर राज वर्मा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 50 अतिरिक्त सीटों का वितरण संबंधित उम्मीदवारों की एनईईटी-यूजी मेरिट और सात नवस्थापित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाएगा।
अधिसूचना में कहा गया है कि जीएमसी अनंतनाग में आठ छात्रों को सीटें आवंटित की जाएंगी और जीएमसी बारामूला, डोडा, हंडवारा, कठुआ, राजौरी और उधमपुर में सात-सात छात्रों को सीटें आवंटित की जाएंगी।
इसमें कहा गया, ‘स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के 21 जनवरी के पत्र के अनुसार, यह सूचित किया जाता है कि जिन अभ्यर्थियों को बोर्ड द्वारा विभिन्न दौर की काउंसलिंग में एसएमवीडीआईएमई, कटरा में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अनंतिम रूप से सीटें आवंटित की गई थीं, बोर्ड उन्हें जम्मू-कश्मीर के भीतर जीएमसी में सृजित अतिरिक्त सीटों पर समायोजित करने के लिए काउंसलिंग का प्रत्यक्ष दौर आयोजित करेगा।’
बोर्ड ने श्रीनगर और जम्मू स्थित अपने कार्यालयों में 24 जनवरी को काउंसलिंग का आयोजन निर्धारित किया है। बोर्ड ने उन उम्मीदवारों से, जो व्यक्तिगत रूप से काउंसलिंग सत्र में उपस्थित नहीं हो सकते, बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रारूप में अपने किसी रक्त संबंधी को अपनी ओर से काउंसलिंग में भाग लेने के लिए अधिकृत करने का अनुरोध किया है। बोर्ड ने यह भी कहा है कि प्रतिनिधि को अधिकृत करने का पत्र और आधार कार्ड सहित एक वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य है।
सुपरन्यूमेरेरी सीटें सामान्य प्रवेश क्षमता से परे शैक्षिक कार्यक्रमों में निर्धारित अतिरिक्त सीटें होती हैं, जो अक्सर विशिष्ट समूहों के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए होती हैं।
इस महीने की शुरुआत में, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चिकित्सा मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड ने न्यूनतम मानकों का पालन न करने के कारण एसएमवीडीआईएमई को दी गई अनुमति वापस ले ली थी।
इसमें कहा गया था कि काउंसलिंग के दौरान कॉलेज में प्रवेश पाने वाले छात्रों को जम्मू कश्मीर के अन्य संस्थानों में अतिरिक्त सीटों पर समायोजित किया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन से बना दक्षिणपंथी संगठनों का समूह ‘संघर्ष समिति’ पिछले साल नवंबर से जम्मू में आंदोलन चला रहा था। यह समूह कॉलेज में हुए दाखिलों को रद्द करने और माता वैष्णो देवी में आस्था रखने वाले विद्यार्थियों के लिए ही सीटें आरक्षित करने की मांग करता आ रहा है।
बोर्ड ने पहले कहा था कि वह एमबीबीएस प्रवेश के लिए नई काउंसलिंग आयोजित नहीं कर सकता है और एसएमवीडीआईएमई में प्रवेश पाने वालों के लिए अतिरिक्त सीटों का आवंटन सरकारी स्तर पर तय किया जाना चाहिए।
यह स्पष्टीकरण केंद्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग को लिखे एक पत्र में आया, जिसमें श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (एसएमवीडीआईएमई) के छात्रों के स्थानांतरण में विभाग के हस्तक्षेप की मांग की गई थी।
भाषा तान्या वैभव
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