नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी के वायु गुणवत्ता प्रबंधन को मजबूत करने के लिए प्रदूषण के स्रोत का वास्तविक समय में अध्ययन शुरू करने का निर्देश दिया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के नेतृत्व में किए जाने वाले इस अध्ययन में वायु प्रदूषकों की निरंतर निगरानी और विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से प्रदूषक पीएम10 पर जोर दिया जाएगा, ताकि साक्ष्य-आधारित नीतिगत हस्तक्षेपों को सक्षम बनाया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को सिरसा की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में आईआईटी-दिल्ली के वैज्ञानिकों की एक टीम द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव में विज्ञान आधारित उपायों के माध्यम से दिल्ली के वायु गुणवत्ता प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने के लिए एक व्यापक रूपरेखा पेश की गई है।
अधिकारियों ने दावा किया कि यह प्रस्ताव पिछली सरकार के कार्यकाल में लंबित था और बाद में इसे स्थगित कर दिया गया था।
सरकार के एक बयान के अनुसार, प्रस्तावित पांच वर्षीय अध्ययन का उद्देश्य वास्तविक समय में वायु प्रदूषण के स्रोत का पता लगाकर आगे बढ़ना है।
बयान के मुताबिक, इससे नीति निर्माताओं को प्रदूषण के स्रोतों की सटीक पहचान करने और प्रदूषण के चरम समय के दौरान अधिक प्रभावी ढंग से निपटने में मदद मिलेगी।
सिरसा ने अधिकारियों से अनुमोदन में तेजी लाने का अनुरोध किया ताकि परियोजना को जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।
भाषा शफीक माधव
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