त्रिशूर (केरल), 22 अप्रैल (भाषा) त्रिशूर के मुंडाथिकोड स्थित पटाखा बनाने वाली एक इकाई में हुए विस्फोट में घायल एक और व्यक्ति की मौत के साथ मृतकों की संख्या बुधवार को 14 हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि कई शवों के डीएनए परीक्षण के बाद यह संख्या और बढ़ने की आशंका है।
त्रासदी की गंभीरता को देखते हुए केरल सरकार ने इस विस्फोट को ‘राज्य-विशिष्ट आपदा’ घोषित किया और घटना में मारे गए लोगों के आश्रितों के लिए 14-14 लाख रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में घटना की जांच करने के लिए केरल उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सी एन रामचंद्रन नायर के नेतृत्व में एक सदस्यीय न्यायिक आयोग की नियुक्ति का भी निर्णय लिया गया।
जिला प्रशासन के एक बयान के अनुसार, विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुए प्रवीण (45) की अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में मौत हो गई।
इससे पहले, अधिकारियों ने कहा था कि मंगलवार को पटाखा बनाने वाली एक इकाई में हुए इस हादसे में कम से कम 13 लोगों के मारे जाने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि डीएनए जांच के बाद मृतकों की वास्तविक संख्या बढ़ सकती है क्योंकि 32 से ज्यादा क्षत विक्षत अंग मिले हैं।
जिला प्रशासन ने यह भी बताया कि विस्फोट स्थल से बरामद नौ शवों में से आठ की पहचान कर ली गई है और पोस्टमार्टम के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।
जिलाधिकारी शिखा सुरेंद्रन ने पत्रकारों को बताया कि राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा शवों के अंगों से डीएनए के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं और परीक्षण के परिणाम 3-4 दिनों में उपलब्ध होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि श्रमिकों के रिश्तेदारों से मिली जानकारी के अनुसार, चार लोग लापता हैं और नियंत्रण कक्षों में प्राप्त विवरणों के मिलान के बाद यह संख्या बढ़ सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि घटना के बाद 10 लोग सुरक्षित घर लौट गए हैं, वहीं, कई घायलों का त्रिशूर मेडिकल कॉलेज में इलाज किया जा रहा है।
अधिकारी ने घायलों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 11 व्यक्तियों का त्रिशूर मेडिकल कॉलेज में इलाज किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि घटनास्थल पर तलाशी अभियान लगभग पूरा हो चुका है और वहां मौजूद बिना फटे पटाखों को सुरक्षित रूप से रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
विस्फोट मंगलवार को अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे हुआ और इसके बाद बीच-बीच में धमाके होते रहे, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुआ।
भाषा आशीष रंजन
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