उलेमा-ए-कर्नाटक ने कांग्रेस पर समुदाय की चिंताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया

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उलेमा-ए-कर्नाटक ने कांग्रेस पर समुदाय की चिंताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया

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  • Publish Date - April 22, 2026 / 11:11 PM IST,
    Updated On - April 22, 2026 / 11:11 PM IST

बेंगलुरु, 22 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक में मुस्लिम धर्मगुरुओं के संगठन ‘उलेमा-ए-कर्नाटक’ ने बुधवार को कांग्रेस के मुसलमान नेताओं के खिलाफ हालिया कार्रवाई को लेकर पार्टी नेतृत्व पर अन्याय का आरोप लगाया और सुधारात्मक उपायों की मांग करते हुए कहा कि समुदाय की चिंताओं को ‘‘नजरअंदाज’’ किया गया है।

संगठन के मौलाना शमीम सालिक ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) नसीर अहमद को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के राजनीतिक सचिव के पद से हटा दिया गया और वरिष्ठ नेता एमएलसी अब्दुल जब्बार को पार्टी से निष्कासित किया गया।

उन्होंने कहा कि मुसलमानों के लिए टिकट मांगने के मुद्दे पर अहमद को बिना किसी पूर्व नोटिस के पद से हटाना ‘‘अन्यायपूर्ण’’ है।

सालिक ने कहा, ‘‘टिकट मांगना कोई गलती नहीं है, यह हमारा अधिकार है। कांग्रेस पार्टी टिकट देती है या नहीं, यह उसका अपना निर्णय है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे अपने अन्याय पर अड़े रहते हैं, तो जिस तरह मुसलमानों ने कांग्रेस को चुनाव जीतने में मदद की, उसी तरह वे उसे हराने का तरीका भी जानते हैं।’’

संगठन ने कांग्रेस से अपने फैसलों पर पुनर्विचार करने और उन्हें वापस लेने का आग्रह किया।

भाषा शफीक रंजन

रंजन