छत्रपति संभाजीनगर, आठ मई (भाषा) महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में नासिक टीसीएस मामले की आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी को लेकर शुक्रवार को राज्य के मंत्री संजय शिरसाट और एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया।
शिवसेना नेता शिरसाट ने कहा कि पुलिस को इस बात की जांच करनी चाहिए कि क्या एआईएमआईएम और उसके पूर्व सांसद जलील की टीसीएस मामले में कोई संलिप्तता थी, जबकि जलील ने सवाल उठाया कि मंत्री पुलिस और अदालत की तरह व्यवहार क्यों कर रहे हैं।
नासिक पुलिस ने शुक्रवार को दावा किया कि एआईएमआईएम के एक पार्षद ने टीसीएस में कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के लिए दबाव डालने के मामले में आरोपी निदा खान और उसके परिवार को छत्रपति संभाजीनगर में शरण दी थी।
नासिक पुलिस ने बताया कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पार्षद मतीन पटेल से लगातार पूछताछ के बाद बृहस्पतिवार को एक उच्च स्तरीय संयुक्त पुलिस अभियान में खान को गिरफ्तार किया गया।
शिरसाट ने मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि जलील ने पहले खुले तौर पर निदा खान का समर्थन किया था और उसके पक्ष में बयान दिए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘एआईएमआईएम धर्मांतरण को बढ़ावा देने और लड़कियों को धोखा देने की कोशिश कर रही है। निदा खान महज एक मोहरा है लेकिन उनका नेटवर्क पूरे महाराष्ट्र में फैला हुआ है। मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि वे एसआईटी के माध्यम से जांच का आदेश दें ताकि मुख्य साजिशकर्ता का पर्दाफाश हो सके।’’
शिवसेना पार्टी के नेता और मंत्री ने यह भी दावा किया कि शहर के कई बेरोजगार युवाओं के पास महंगी मोटरसाइकिलें व मोबाइल फोन हैं। उन्होंने इन युवाओं के पैसे के स्रोत की जांच किये जाने की मांग की।
जलील ने छत्रपति संभाजीनगर में संवाददाताओं से कहा कि वह शिरसाट द्वारा उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों पर ध्यान नहीं देंगे।
जलील ने कहा कि शिरसाट ऐसे व्यवहार कर रहे हैं मानो वे पुलिस और अदालत हों।
एआईएमआईएम नेता ने कहा, ‘‘वह (शिरसाट) कौन हैं? क्या वह जांच अधिकारी हैं? क्या पुलिस अब किसी जिला प्रभारी मंत्री के माध्यम से मुझसे पूछताछ करने वाली है? क्या प्रभारी मंत्री ने पुलिस की वर्दी पहन ली है और वह पुलिस और अदालत की तरह व्यवहार कर रहे हैं? अगर वह राजनीति कर रहे हैं, तो मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं प्रभारी मंत्री को कोई महत्व नहीं देता।’’
उन्होंने कहा कि निदा खान के साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है मानो उसने कई लोगों की हत्या की हो।
जलील ने कहा, ‘‘उसके खिलाफ कोई लुकआउट नोटिस या गैर-जमानती मामला दर्ज नहीं है। अगर वह किसी आतंकी गतिविधि में शामिल होती, तो पुलिस ने ऐसा किया होता। प्राथमिकी में सांप्रदायिक नफरत फैलाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप हैं। लेकिन उसके (निदा खान) साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है मानो उसने कई लोगों की हत्या की हो या आतंकी गतिविधियों में शामिल रही हो।’’
भाषा शफीक माधव
माधव