आम आदमी पार्टी ने पंजाब में शहरी निकाय चुनावों में लोकतंत्र को कमजोर किया : भाजपा

Ads

आम आदमी पार्टी ने पंजाब में शहरी निकाय चुनावों में लोकतंत्र को कमजोर किया : भाजपा

  •  
  • Publish Date - July 11, 2026 / 07:38 PM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 07:38 PM IST

चंडीगढ़, 11 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई ने सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी (आप) पर शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से इस मामले में दखल देने की मांग की है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को राज्यपाल से मुलाकात की तथा नगर निगमों एवं नगर परिषदों के चुनावों और फिर महापौर एवं परिषद अध्यक्ष के चुनावों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एक ज्ञापन सौंपा।

राज्यपाल से मुलाकात के बाद ढिल्लो ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि आप सरकार ने वार्डों के परिसीमन में हेरफेर किया, विपक्षी उम्मीदवारों को डराया-धमकाया, नामांकन प्रक्रिया में दखल दिया और मतदान एवं मतगणना के दौरान अनियमिताएं कीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी कुछ नगर निकायों में बहुमत न होने के बावजूद प्रशासनिक हेरफेर के जरिए अपने उम्मीदवारों को महापौर और परिषद अध्यक्ष के पदों पर नियुक्त कर रही है।

भाजपा ने दावा किया कि उसने अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य राज्यपाल को सौंपे हैं।

अबोहर नगर निगम का उल्लेख करते हुए ढिल्लों ने आरोप लगाया कि 50 सदस्यों वाले सदन में आम आदमी पार्टी के 20 के मुकाबले भाजपा के पास 28 पार्षदों और एक विधायक का समर्थन होने के बावजूद, प्रशासन ने आप प्रत्याशी को महापौर घोषित कर दिया।

उन्होंने दावा किया कि बाद में भाजपा के विरोध के कारण यह चुनाव टाल दिया गया।

उन्होंने राजपुरा, कपूरथला, बरनाला और दूसरे शहरों में भी इसी तरह की अनियमितताओं का आरोप लगाया।

भाजपा ने अपने ज्ञापन में निकाय चुनावों के दौरान कथित संवैधानिक उल्लंघनों और अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र एवं समय-सीमा के भीतर जांच की मांग की।

भाजपा के अनुसार कटारिया ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा के आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भाषा राजकुमार रवि कांत