नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया कि वह उस कथित परिपत्र को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस कार्रवाई की धमकी दे रही है, जिसमें शहर में आवारा कुत्तों की गिनती के लिए शिक्षकों को तैनात करने का निर्देश दिया गया था।
‘आप’ का आरोप है कि आवारा कुत्तों की गिनती के लिए शिक्षकों की तैनाती के सिलसिले में एक परिपत्र जारी किया गया था, जबकि सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी करने से इनकार किया है।
‘आप’ विधायक संजीव झा ने कहा कि शिक्षा निदेशालय ने पिछले साल 20 नवंबर और पांच दिसंबर को दो परिपत्र जारी किए थे, जिनमें आवारा कुत्तों के संबंध में जानकारी मांगी गई थी और उनकी निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी।
झा ने कहा, “परिपत्र अस्तित्व में हैं। शिक्षकों को तैनात किया गया था और उनके नाम भी उसमें दर्ज हैं। प्राथमिकी दर्ज करने के नाम पर हमें डराने की कोशिश न करें।”
उन्होंने कहा कि पांच दिसंबर का परिपत्र आवारा कुत्तों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए जारी किया गया था।
‘आप’ नेता ने दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष के इस दावे पर सवाल उठाया कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, “क्या यह परिपत्र शिक्षा मंत्री की जानकारी के बिना जारी किया गया था? अगर ऐसा है, तो इसे किसने अधिकृत किया?”
झा ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मामले में तो तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही, लेकिन वह अभिभावकों को परेशान करने के आरोपी निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है।
झा ने पूछा, “जब अभिभावकों ने निजी स्कूलों के खिलाफ शिकायत की, तो कितनी प्राथमिकी दर्ज की गईं? एक भी ऐसे स्कूल का नाम बताइए, जहां फीस कम की गई हो। यह स्पष्ट है कि सरकार अभिभावकों के साथ नहीं, बल्कि शिक्षा माफियाओं के साथ खड़ी है।”
‘आप’ विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के शिक्षकों को परिपत्र के तहत काम सौंपे गए। उन्होंने सरकार पर आवाज उठाने वाले शिक्षकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
कुमार ने कहा, “यह मेरा परिपत्र नहीं है। यह एक आधिकारिक आदेश है। अगर शिक्षकों के मुद्दों को उठाने के लिए प्राथमिकी दर्ज की जाती है, तो ऐसा ही सही। हम डरते नहीं हैं।”
उन्होंने कहा, “आप विपक्ष को चुप नहीं करा सकते। अगर सच बोलने के लिए प्राथमिकी दर्ज करनी है, तो कीजिए। हम शिक्षा और शिक्षकों तथा छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाते रहेंगे।”
‘आप’ ने दिल्ली सरकार पर कल्याणकारी योजनाओं को लेकर झूठे वादे करने और उन्हें पूरा करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया।
भाषा पारुल माधव
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