जोरहाट, पांच अप्रैल (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि वह असम जातीय परिषद (एजेपी) उम्मीदवार कुंकी चौधरी के माता-पिता के खिलाफ कथित तौर पर ‘बीफ’ खाने और उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर अपलोड करने के लिए कार्रवाई करेंगे।
गुवाहाटी सेंट्रल विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव लड़ रही चौधरी (27) ने आरोपों का कई बार खंडन किया है और इसे ‘फर्जी खबर’ बताया है, जिसे शर्मा द्वारा फैलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने इस विवाद के बारे में पूछे जाने पर पत्रकारों से कहा, ‘‘चुनाव के बाद मैं उनके माता-पिता के खिलाफ पशु संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करूंगा। मैं सब कुछ स्वीकार करूंगा, लेकिन ‘बीफ’ खाना नहीं।’’
राज्य में ‘बीफ’ का सेवन अवैध नहीं है, लेकिन असम पशु संरक्षण अधिनियम, 2021 उन क्षेत्रों में पशुओं के वध और ‘बीफ’ की बिक्री पर प्रतिबंध लगाता है, जहां हिंदू, जैन और सिख बहुसंख्यक हैं और किसी मंदिर या सत्र (वैष्णव मठ) के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्थानों पर भी प्रतिबंध है।
बृहस्पतिवार को शर्मा ने दावा किया था कि कुंकी की मां, शिक्षाविद सुजाता गुरुंग चौधरी ने ‘बीफ’ खाने से संबंधित पोस्ट साझा किए थे, कुछ वर्गों के लिए आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं और पाकिस्तान का समर्थन किया था, जिससे ‘सनातनी’ लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची थी।
शर्मा ने कहा, ‘‘कुंकी जीते या हारे, भूल जाइए… उन्हें कहने दीजिए कि उनके माता-पिता ‘बीफ’ खाते हैं, वह सनातनी हिंदू हैं और उन्होंने अपने माता-पिता को छोड़ दिया है। अगर वह कहती हैं कि वह अपने माता-पिता के साथ नहीं हैं, तो मैं उनके साथ हूं।’
उन्होंने कहा, ‘‘क्या आप ‘बीफ’ खाने वालों को वोट देंगे? कौन सा ‘सत्राधिकार’ उन्हें वोट देगा?’’
चुनाव मैदान में सबसे युवा उम्मीदवारों में से एक चौधरी का मुकाबला भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार गुप्ता से है। असम विधानसभा की 126 सीट के लिए मतदान नौ अप्रैल को होगा और परिणाम चार मई को घोषित किए जाएंगे।
चौधरी पर अपना हमला जारी रखते हुए शर्मा ने कहा, ‘‘ये लोग जेन जेड की बात कर रहे हैं, क्या जेन जेड ‘बीफ’ खाता है? ‘बीफ’ खाने की बात सुनकर मेरा सिर चकरा जाता है… लुरिंज्योति गोगोई (एजेपी प्रमुख) को हिंदुओं का अपमान करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। हर बार वे कहते हैं कि मैं लड़की को निशाना बना रहा हूं। अगर कोई बीफ खाएगा, तो मैं पूरी दुनिया को निशाना बनाऊंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ये कैसी हिम्मत है? क्या हम हिंदू मर चुके हैं? क्या हम कामाख्या, माजुली और बटाद्रवा के सामने ‘बीफ’ खाएंगे?’’
शर्मा ने दावा किया कि उनकी बात मानकर मिया समुदाय के लोगों ने भी ‘बीफ’ खाना छोड़ दिया है और अब वे भैंस का मांस खाते हैं।
शर्मा ने कहा, “जब मैंने मिया समुदाय को ‘बीफ’ खाने से रोक दिया है, तो क्या मैं कुंकी चौधरी को इसे खाने दूंगा? किसी भी अभिभावक को बख्शा नहीं जाएगा… मैंने ईद के दौरान धुबरी में ‘बीफ’ लाने पर देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया था।’’
‘मिया’ मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है और गैर-बांग्ला भाषी लोग आमतौर पर उन्हें बांग्लादेशी प्रवासी मानते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सोशल मीडिया पर ‘बीफ’ खाने का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें ऐसा करना बंद कर देना चाहिए और “शंकरदेव, बटाद्रवा, माजुली का अपमान नहीं करना चाहिए”।
मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर आप हिमंत विश्व शर्मा से लड़ना चाहते हैं, तो मैं लड़ने के लिए तैयार हूं। लेकिन, सोशल मीडिया पर ‘बीफ’ खाते हुए तस्वीर अपलोड करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि इसके लिए कानून है। यह चौधरी कौन होती हैं हिंदुओं का अपमान करने वाली?”
शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पिता ने जमीन का अतिक्रमण किया है। उन्होंने कहा, “उनका (चौधरी के पिता का) विश्वविद्यालय मेरे निर्वाचन क्षेत्र में है। बिना पृष्ठभूमि जाने किसी को भी उनका समर्थन नहीं करना चाहिए…”।
शर्मा द्वारा उनकी मां की खान-पान आदतों पर किए गए दावों के बाद, चौधरी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर उनके परिवार के बारे में कथित तौर पर डीप फेक मानहानिकारक वीडियो के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक वीडियो भी पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने शर्मा को देश में उन्हें घर-घर में मशहूर करने के लिए धन्यवाद दिया था। उन्होंने कहा था, ‘‘माननीय मुख्यमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद। मुझे पता चला कि मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मेरी मां पर कुछ आरोप लगाए, जो पूरी तरह से झूठे हैं।’’
चौधरी ने कहा कि इन आरोपों से साबित होता है कि ‘भाजपा ने गुवाहाटी सेंट्रल सीट पर हार मान ली है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति में आए मुझे महज 15 दिन हुए हैं और इतने कम समय में गुवाहाटी सेंट्रल और असम के लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है, उससे वे चिंतित हैं। उनके (शर्मा) द्वारा मेरा नाम लेने से अब पूरा देश जान जाएगा कि कुंकी चौधरी कौन हैं। मैं उन्हें फिर से धन्यवाद देती हूं।’’
भाषा अमित दिलीप
दिलीप