जयपुर, एक जुलाई (भाषा) राजस्थान के करौली जिले के पांचना बांध के जल वितरण को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद राज्य सरकार की मध्यस्थता में मंगलवार देर रात यहां हुई बैठक में सभी पक्षों के बीच समझौता हो गया। अधिकरियों ने इसकी जानकारी दी।
यह समझौता मंगलवार देर रात जयपुर में आयोजित बैठक में अंतिम रूप से हुआ। बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम मौजूद रहे।
बैठक में किसान प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने भी भाग लिया।
पांचना बांध की की जल भंडारण क्षमता करीब 2,100 मिलियन क्यूबिक फीट है और यह लगभग 10,000 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई करता है।
हालांकि, किसानों और स्थानीय लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद के कारण वर्ष 2006 से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया था।
बांध के आस—पास के 21 गांवों के निवासी मांग कर रहे थे कि नहरों में पानी छोड़े जाने से पहले उनके गांवों के लिए लिफ्ट सिंचाई योजना के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाए। यह विवाद करीब दो दशकों से लंबित था।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में इन 21 गांवों के लिए लिफ्ट सिंचाई योजना की घोषणा की थी। इस घोषणा से वार्ता के लिए अनुकूल माहौल बना।
उन्होंने बताया कि सरकार ने 11.5 करोड़ रुपये की लागत से नहर तंत्र की मरम्मत और पुनर्स्थापन का कार्य भी शुरू कराया, जो अब लगभग पूरा होने की स्थिति में है।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि सरकार के सकारात्मक रुख और किसानों व स्थानीय लोगों की बातचीत के लिए दिखाई गई तत्परता के कारण सहमति बन सकी।
उन्होंने कहा, ‘सरकार ने दोनों पक्षों की जायज मांगों को स्वीकार किया है। विभाग सात दिन के भीतर बांध से पानी छोड़े जाने की तिथि तय करेगा। नहर प्रणाली का तकनीकी परीक्षण और आकलन किया जाएगा तथा शीघ्र ही नहरों में पानी प्रवाहित किया जाएगा।’
रावत ने यह भी आश्वासन दिया कि कमांड क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और लिफ्ट सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का कार्य भी शुरू किया जाएगा।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने इस समझौते का स्वागत करते हुए सभी पक्षों से नहरों में जल्द पानी छोड़े जाने के लिए सहयोग करने की अपील की।
ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने लंबे समय से लंबित विवाद के समाधान के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और किसानों तथा स्थानीय लोगों से आपसी समन्वय और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) अभय कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, संभागीय एवं जिला प्रशासन के अधिकारी तथा जल संसाधन विभाग के अभियंता भी मौजूद रहे। उन्होंने सरकार द्वारा विवाद के समाधान के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
गुड़ला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था और गंभीर नदी जल संरक्षण समिति के प्रतिनिधियों ने भी इस समझौते का स्वागत किया।
हाल के सप्ताहों में पंचना बांध से पानी छोड़े जाने को लेकर विवाद तेज हो गया था। बांध के ऊपरी क्षेत्र (अपस्ट्रीम) के गांवों के निवासी जलाशय पर अपने अधिकार का हवाला देते हुए पानी छोड़े जाने का विरोध कर रहे थे।
वहीं, निचले क्षेत्र (डाउनस्ट्रीम) के कमांड क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे थे। इस टकराव के कारण दोनों पक्षों की ओर से प्रदर्शन किए गए। करौली-गंगापुर सिटी सीमा के पास लोग लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे थे।
भाषा बाकोलिया पवनेश रंजन
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