शिमला, एक जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और धर्मशाला सहित राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होने से नदियों का जलस्तर बढ़ गया, बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और कई मार्गों को बंद कर दिया गया। इस दौरान मंडी जिले के औट के पास चट्टान गिरने से एक महिला की मौत हो गई। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सोलन जिले के नालागढ़ की रहने वाली सुखबीर कौर (38) अपने परिवार के साथ मणिकरण जा रही थीं। चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर औट के पास जैसे ही वह कार से बाहर निकलीं, वह पहाड़ी से गिरे एक बड़े पत्थर की चपेट में आ गईं जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को पास के अस्पताल भिजवाया है।
लगातार बारिश की वजह से चंबा जिले के लनोट और फागडोग गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। यहां पहाड़ से गिरा मलबा दो घरों में घुस गया जिससे दीवारों में दरारें आने समेत काफी नुकसान हुआ।
कार्यवाहक उप संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) और तहसीलदार अभिराय सिंह ठाकुर ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को मौका मुआयना करने और प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
शिमला स्थित मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार को हिमाचल पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून बुधवार तक पूरे राज्य में छा गया। विभाग ने दो से छह जुलाई के बीच (चार जुलाई को छोड़कर) कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
गर्मी के कारण बंद हुए सरकारी और निजी स्कूल फिर से खुल गए, लेकिन भारी बारिश के कारण स्कूलों में उपस्थिति कम रही।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया अभियान केंद्र (एसईओसी) के अनुसार मंडी में 28 मार्गों को बंद कर दिया गया, कुल्लू में 12 और लाहौल एवं स्पीति तथा ऊना जिलों में दो-दो मार्गों को बंद किया गया।
मंगलवार शाम से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई।
अधिकारियों ने बताया कि कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां में सबसे अधिक 102.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, इसके बाद घमरूर (95.2 मिलीमीटर), गुलेर (87.2 मिलीमीटर), पालमपुर (74.4 मिलीमीटर), सलोनी (68.2 मिलीमीटर), जोगिंदरनगर (48 मिलीमीटर), काहू (44.5 मिलीमीटर), देहरा गोपीपुर (38.3 मिलीमीटर), बेरथिन (37.4 मिलीमीटर) और सुजानपुर टीरा (36 मिलीमीटर) में बारिश हुई।
शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे शहरों में भी जोरदार बारिश हुई। कुफरी, पालमपुर, कांगड़ा, सुंदरनगर, जुब्बरहट्टी और भुंतर में आंधी-तूफान आने और बिजली गिरने की सूचना मिली।
भूस्खलन की वजह से शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही बंद कर दी गई। पुलिस ने शिमला, मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर जाने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, बिलासपुर और हमीरपुर से शिमला जाने वाली गाड़ियां घुमारवीं, जुखाला, जबलपुर ब्रिज, रानीकोटला, खारसी और वैदमोड होते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच सकती हैं, जबकि शिमला से मंडी जाने वाले लोग वैदमोड, नवगांव, खारसी, रानीकोटला तथा बैरी जाने वाले रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से पंगोला नाले के पास चंबा-तिस्सा मुख्य सड़क भी बंद हो गई।
कई नदियों और उनकी सहायक नदियों में पानी का स्तर बढ़ गया। ऊना जिले में स्वां नदी उफान पर है जिसके कारण अधिकारियों ने लोगों को नदी के पास नहीं जाने की सलाह दी है।
एसईओसी के आंकड़ों के मुताबिक, एक मार्च से 30 जून तक मानसून पूर्व स्थिति के दौरान हिमाचल में जलाशयों में डूबने, आकाशीय बिजली की चपेट में आने, सर्पदंश और करंट लगने से 128 लोगों की मौत हुई और राज्य को 2,984 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
भाषा सुरभि वैभव
वैभव