एअर इंडिया विमान हादसे की मूल वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा: सरकार

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एअर इंडिया विमान हादसे की मूल वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा: सरकार

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 07:42 PM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 07:42 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद को बताया कि पिछले साल हुए एअर इंडिया विमान हादसे की जांच कर रहा वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) हादसे के मूल कारण और इसके लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाने के वास्ते सभी पहलुओं पर गौर कर रहा है।

गुजरात के अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद 12 जून 2025 को एअर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 260 लोगों की मौत हो गई थी। यह ‘ड्रीमलाइनर’ विमान अहमदाबाद से लंदन स्थित गैटविक जा रहा था।

नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि हादसे की एएआईबी द्वारा जांच जारी है।

एएआईबी ने 12 जुलाई 2025 को दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी और इस साल 12 जून को जांच पर अंतरिम बयान जारी किया था।

मंत्री ने कहा, ‘‘जांच जारी है। दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद अंतिम रिपोर्ट जारी की जाएगी।’’

यह जवाब एएआईबी द्वारा एआई171 विमान दुर्घटना पर अंतिम रिपोर्ट जारी करने की समयसीमा और जांच की मौजूदा स्थिति से जुड़े सवाल के जवाब में दिया गया।

इसके अलावा, यह भी पूछा गया था कि क्या सरकार ने विमान के ईंधन ‘स्विच’ बंद होने के संबंध में दावा किये गए अलग-अलग सिद्धांतों पर गौर किया है और क्या इंजन तथा मुख्य कंप्यूटर नेटवर्क के हिस्सों को तकनीकी जांच के लिए विदेश भेजा गया है।

साथ ही, यह भी पूछा गया था कि क्या विदेशी विमान विनिर्माता कंपनियां या अन्य इकाइयां कोई महत्वपूर्ण सुरक्षा संबंधी आंकड़े रोक रही हैं।

इन सवालों के जवाब में मोहोल ने कहा, ‘‘दुर्घटना के मूल कारण और इसके लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाने के वास्ते जांच में सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है।’’

मंत्री ने कहा कि विमान ऑपरेटर को नागर विमानन आवश्यकताओं के तहत सभी अनिवार्य निर्देशों का पालन करना होता है।

मोहोल ने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) भारत में पंजीकृत विमानों में इन निर्देशों के पालन का उड़ान योग्य समीक्षा प्रमाणपत्र निरीक्षण, नियमित निगरानी और लगातार निरीक्षण व्यवस्था के माध्यम से करता है।

भाषा

सुभाष नरेश

नरेश