इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मदरसों की एटीएस से जांच के खिलाफ दाखिल याचिका पर सरकार से जवाब तलब किया

Ads

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मदरसों की एटीएस से जांच के खिलाफ दाखिल याचिका पर सरकार से जवाब तलब किया

  •  
  • Publish Date - April 23, 2026 / 08:00 PM IST,
    Updated On - April 23, 2026 / 08:00 PM IST

प्रयागराज, 23 अप्रैल (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश में चल रहे मदरसों की आतंक रोधी दस्ता (एटीएस) से जांच कराने के आदेश को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका पर सरकार से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है। जांच का यह आदेश पुलिस महानिरीक्षक (एटीएस) द्वारा दिया गया था।

न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की पीठ ने ‘टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया’ और इसकी प्रबंधन समिति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि वे उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2004 और उत्तर प्रदेश गैर शासकीय अरबी एवं फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन एवं सेवा नियमन, 2016 के नियमों के अनुसार मदरसों का संचालन कर रहे हैं।

इन याचिकाकर्ताओं ने पुलिस महानिरीक्षक (एटीएस) के नौ दिसंबर, 2025 के उस आदेश को चुनौती दी है जिसके तहत आतंक रोधी दस्ता (एटीएस) को जांच का निर्देश दिया गया था।

याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि उक्त आदेश पूरी तरह से बेबुनियाद और मनमाना है क्योंकि यह 26 दिसंबर, 2025 के मांग पत्र से स्पष्ट है जिसमें ऐसा कुछ भी नहीं पाया गया जिससे विदेश से वित्त पोषण का संदेह पैदा होता हो।

वहीं दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि यह रिट याचिका समय से पहले दायर की गई है। यह जांच के लिए केवल एक निर्देश है। यदि जांच में कुछ नहीं पाया जाता तो यह रिपोर्ट में सामने आएगा।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा, “विवादित आदेश जारी करने के आधार के बारे में राज्य सरकार का पक्ष सुना जाएगा क्योंकि याचिकाकर्ताओें ने मनमानी किए जाने का दावा करते हुए कहा है कि वे कानून और नियमों के मुताबिक कार्य कर रहे हैं।”

अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि चार मई तय की।

भाषा सं राजेंद्र रवि कांत धीरज

धीरज