जयपुर, नौ जुलाई (भाषा) जयपुर के नीरजा मोदी विद्यालय में पिछले वर्ष नवंबर में कथित रूप से आत्महत्या करने वाली नौ वर्षीय छात्रा अमायरा के माता-पिता ने कक्षा का नया सीसीटीवी फुटेज जारी करते हुए आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को सहपाठी लगातार प्रताड़ित कर रहे थे, लेकिन शिक्षिका की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली।
अमायरा के परिवार ने जारी फुटेज को अपने उस लंबे समय से किए जा रहे दावे का समर्थन करने वाला साक्ष्य बताया है, जिसमें कहा गया है कि लगातार हुई प्रताड़ना और विद्यालय की कथित निष्क्रियता ने बच्ची को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
परिवार ने इस मामले में जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग भी दोहराई।
कक्षा चार की छात्रा अमायरा ने पिछले वर्ष एक नवंबर को कथित रूप से विद्यालय की इमारत की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने हाल ही में घटना के करीब आठ महीने बाद इस मामले में अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है।
परिवार के अनुसार, नया सीसीटीवी फुटेज घटना से कुछ समय पहले कक्षा के भीतर हुई घटनाओं का क्रम दिखाता है।
परिजनों का दावा है कि फुटेज में अमायरा सामान्य रूप से कक्षा में प्रवेश करती, एक सहपाठी का अभिवादन करती और नृत्य गतिविधि में हिस्सा लेती दिखाई देती है। इसके बाद कथित तौर पर अन्य छात्र उसे बार-बार प्रताड़ित करते नजर आते हैं। परिवार का आरोप है कि बच्ची के परेशान दिखने के बावजूद शिक्षकों की ओर से पर्याप्त हस्तक्षेप या संरक्षण नहीं दिया गया।
अमायरा के पिता विजय मीणा और मां शिवानी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने कई बार मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन विद्यालय ने उचित प्रतिक्रिया नहीं दी।
उन्होंने मांग की कि जहां कानूनी रूप से उचित हो, वहां आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धाराएं भी जोड़ी जाएं तथा उनकी बेटी की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
माता-पिता ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन के प्रभाव में पुलिस ने मामले की सही तरीके से जांच नहीं की और यह पता लगाने में विफल रही कि कक्षा के भीतर वास्तव में क्या हुआ था।
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने कहा कि यह मामला विद्यालयों की जवाबदेही से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने बाल सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने, साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
भाषा बाकोलिया शफीक
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