त्रिशूर (केरल), 22 अप्रैल (भाषा) त्रिशूर में मुंडाथिकोड स्थित पटाखा बनाने वाली एक इकाई में हुए विस्फोट में घायल एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा, घटनास्थल से नौ शव, 32 क्षत विक्षत अंग और कुछ कोमल ऊतक बरामद किए गए हैं। त्रिशूर जिला प्रशासन ने बुधवार को यह जानकारी दी।
जिला प्रशासन द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुए प्रवीण (45) की अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में मौत हो गई।
इससे पहले केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने सुबह एक बयान में कहा था कि विस्फोट स्थल से 26 क्षत विक्षत अंग बरामद किए गए हैं और पहचान के लिए उनकी डीएनए जांच करायी जाएगी। इसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
केएसडीएमए के अनुसार, मंगलवार को पटाखा बनाने वाली एक इकाई में हुए इस हादसे में कम से कम 13 लोगों के मारे जाने की आशंका है।
जिलाधिकारी शिखा सुरेंद्रन ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि नौ शवों के अलावा, 32 क्षत विक्षत अंग और कुछ कोमल ऊतक बरामद किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि उनके रिश्तेदारों से मिली जानकारी के अनुसार, चार लोग लापता हैं और नियंत्रण कक्षों में प्राप्त विवरणों के मिलान के बाद यह संख्या बढ़ सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि घटना के बाद 10 लोग सुरक्षित घर लौट गए हैं, वहीं, कई घायलों का त्रिशूर मेडिकल कॉलेज में इलाज किया जा रहा है।
अधिकारी ने घायलों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 11 व्यक्तियों का त्रिशूर मेडिकल कॉलेज में इलाज किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि घटनास्थल पर तलाशी अभियान लगभग पूरा हो चुका है और वहां मौजूद बिना फटे पटाखों को सुरक्षित रूप से रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
इससे पहले दिन में, राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने कहा कि राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी केंद्र के विशेषज्ञ क्षत विक्षत अंगों और पूर्ण रूप से बरामद किए गए शवों के नमूने एकत्र करेंगे।
उन्होंने कहा कि कुछ दावों के अनुसार, विस्फोट के समय फैक्टरी में 40 कर्मचारी थे, लेकिन उनमें से कुछ लोग दिन में ही अपने घर लौट गए थे। हालांकि, सटीक संख्या का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
उन्होंने बताया कि देर रात दो बजे तक पांच शवों का पोस्टमार्टम किया गया और तीन शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए।
वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की राज्य इकाई ने बुधवार को एक बयान में कहा कि देश भर में बार-बार पटाखों की वजह से हादसे होते है जो सुरक्षा नियमों को लागू करने में गंभीर लापरवाही को दिखाता है।
एसोसिएशन ने बयान में कहा गया, ‘ मौजूदा नियमों के बावजूद उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया कमजोर है। इस समय यह जरूरी है कि कड़े नियम बनाए जाएं और उनका सख्ती से पालन किया जाए।’
विस्फोट के समय करीब 40 लोगों के मौजूद होने की आशंका है। यह विस्फोट पटाखा बनाने वाली इकाई में उस वक्त हुआ जब मंदिर देवस्वओम के लिए त्रिशूर पूरम पर्व की खातिर पटाखे तैयार किए जा रहे थे। त्रिशूर पूरम पर्व 26 अप्रैल को है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, विस्फोट अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे हुआ और इसके बाद बीच-बीच में धमाके होते रहे, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुआ। धान के खेतों के बीच एक सुनसान इलाके में बने कई अस्थायी शेड में पटाखे तैयार किए जा रहे थे।
भाषा
प्रचेता नरेश
नरेश