नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने पिछले महीने दूरदर्शन भवन के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी और कहा कि ‘पूरी साजिश’ का खुलासा करने के लिए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में एंकर अशोक श्रीवास्तव के विरोध में 14 अप्रैल को डीडी न्यूज कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद तिलक मार्ग थाने में मामला दर्ज किया गया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेफाली बरनाला टंडन ने 26 मई को दिए आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता या आरोपी रणवीर सिंघानिया के खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप हैं और जांच अधिकारी (आईओ) ने जमानत याचिका का विरोध किया है।
जांच अधिकारी ने दलील दी कि अन्य आरोपियों की पहचान के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
न्यायाधीश टंडन ने कहा, “जांच अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, याचिकाकर्ता/आरोपी को राजस्थान पंजीकरण संख्या वाली कई गाड़ियों में प्रदर्शनकारियों को दूरदर्शन भवन लाते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है और वह विरोध प्रदर्शन करते, नारे लगाते और पुतला जलाते हुए भी दिखाई दे रहा है।”
न्यायाधीश ने कहा कि जांच अधिकारी के अनुसार, अदालत की सुरक्षा में आरोपी के जांच में शामिल होने के बाद, उसे सीसीटीवी फुटेज दिखाया गया और उसने स्वयं को व वहां मौजूद 17-18 अन्य व्यक्तियों को पहचाना तथा प्रदर्शनकारियों को घटनास्थल पर लाने के लिए इस्तेमाल की गई उसकी गाड़ी बरामद कर जब्त कर ली गई।
न्यायाधीश ने याचिका खारिज करते हुए कहा, “चूंकि मामला प्रारंभिक चरण में है और जांच एजेंसी ने आरोपी से हिरासत में पूछताछ का दावा पूरी साजिश और अपराध में शामिल लोगों का पता लगाने व उन्हें गिरफ्तार करने के लिए किया है, इसलिए यह अदालत अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं पाती है।”
न्यायाधीश ने हालांकि स्पष्ट किया कि अदालत की टिप्पणियों का मुकदमे की सुनवाई के दौरान मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
भाषा जितेंद्र नरेश
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