गुवाहाटी, 12 अगस्त (भाषा) असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने बुधवार को कहा कि अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अंतरराज्यीय सीमा पर हुई गोलीबारी की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।
असम के धेमाजी जिले में सोमवार को अंतर-राज्यीय सीमा पर भूमि अतिक्रमण को लेकर अरुणाचल प्रदेश की तरफ से आए कुछ लोगों ने कथित तौर पर गोलीबारी की, जिसमें असम के कम से कम 12 लोग घायल हो गए।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने स्थिति पर नजर रखने के लिए पेगू को जिम्मेदारी सौंपी है। पेगू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बुधवार सुबह उन्हें फोन किया और बोडोती, मिंगमांग, धेमाजी, इलाके में हुई पुलिस गोलीबारी की घटना की निष्पक्ष और उचित जांच का आश्वासन दिया।
पेगू ने कहा, ‘उन्होंने (खांडू ने) आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।’
मिसिंग समुदाय के शीर्ष छात्र संगठन, ‘ताकम मिसिंग पोरिन केबांग’ (टीएमपीके) ने बुधवार को इस घटना के विरोध में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी शुरू कर दी।
गोलीबारी की घटना के तुरंत बाद शर्मा ने स्थानीय मिसिंग नेता पेगू को स्थिति पर नजर रखने और गतिरोध को समाप्त करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
पेगू ने कहा, ‘‘हमने संयुक्त क्षेत्रीय समितियों के जरिये असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर बातचीत (अंतर-राज्यीय सीमा विवादों पर) फिर से शुरू करने पर भी चर्चा की।’
पेगू ने बताया कि उन्होंने अरुणाचल के मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि असम मंत्रिमंडल ने मंगलवार को हुई बैठक में क्षेत्रीय समितियों का पुनर्गठन किया है, जिसमें नए मंत्रियों और असम सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है।
असम के मंत्री ने कहा कि फोन पर हुई बातचीत में दोनों नेता सीमा से जुड़े बाकी मुद्दों को आपसी समझ और सहयोग की भावना के साथ शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए बातचीत जारी रखने की अहमियत पर सहमत हुए।
उन्होंने कहा, ‘मैं सभी से अपील करता हूं कि वे सीमावर्ती इलाकों में शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान बनाए रखें और ऐसी किसी भी गतिविधि से बचें, जिससे दोनों पड़ोसी राज्यों के लोगों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बिगड़ सकते हैं।’
दोनों राज्यों के बीच अंतरराज्यीय सीमा पर करीब 1,200 विवादित स्थान हैं।
असम सरकार ने 29 जुलाई को राज्य विधानसभा को बताया था कि अरुणाचल प्रदेश ने कथित तौर पर 16,144.01 हेक्टेयर जमीन पर अतिक्रमण किया है।
सरकार के अनुसार, पड़ोसी राज्य इसमें से 858.91 वर्ग किलोमीटर जमीन पर दावा जता रहा है।
दोनों राज्यों ने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए 12 क्षेत्रीय समितियां बनाई हैं। इन समितियों ने संयुक्त रूप से विवादित इलाकों का दौरा किया है और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत भी की है।
भाषा शुभम सुरेश
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