धार, 16 मई (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा भोजशाला परिसर को सरस्वती मंदिर करार दिए जाने के एक दिन बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने शनिवार को आदेश जारी कर हिंदू समुदाय को वहां पूजा-अर्चना के लिए निर्बाध प्रवेश की अनुमति दे दी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एएसआई के सात अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया था, जिसके तहत धार जिले में इस परिसर में मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी।
एएसआई के एक अधिकारी ने कहा कि भोजशाला संस्कृत भाषा, व्याकरण और साहित्य के अध्ययन एवं अनुसंधान का केंद्र होने के साथ-साथ देवी वाग्देवी (सरस्वती) को समर्पित मंदिर भी रही है।
उन्होंने कहा कि इस कारण हिंदू समुदाय को ‘‘माता सरस्वती की पूजा-अर्चना और अध्ययन की प्राचीन परंपरा’’ के तहत परिसर में निर्बाध प्रवेश की अनुमति दी गई है।
भाषा सं दिमो राजकुमार
राजकुमार