Silver Import Rules India: चांदी की कीमत में होगी बंपर बढ़ौतरी? सरकार ने इन नियमों में कर दिए बड़े बदलाव, पढ़िए पहले से क्या अलग होगा

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Silver Import Rules India: चांदी की कीमत में होगी बंपर बढ़ौतरी? सरकार ने इन नियमों में कर दिए बड़े बदलाव, पढ़िए पहले से क्या अलग होगा

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  • Publish Date - May 16, 2026 / 11:27 PM IST,
    Updated On - May 16, 2026 / 11:27 PM IST

chandi mews/ image source: ibc24

Silver Import Rules India: नई दिल्ली। सोने के आयात पर पहले से ही सख्ती बरतने के बाद अब केंद्र सरकार ने चांदी (Silver) के आयात नियमों में भी बड़ा बदलाव कर दिया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक अहम नोटिफिकेशन जारी करते हुए चांदी के कुछ विशेष उत्पादों को “फ्री” कैटेगरी से हटाकर “प्रतिबंधित (Restricted)” श्रेणी में डाल दिया है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे बुलियन मार्केट और ज्वैलरी सेक्टर में हलचल तेज हो गई है।

DGFT notification silver: सिल्वर प्रोडक्ट्स पर यह नया नियम लागू होगा

DGFT द्वारा 16 मई 2026 को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, ITC (HS) कोड 71069221 और 71069229 के तहत आने वाले सिल्वर प्रोडक्ट्स पर यह नया नियम लागू होगा। पहले 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सिल्वर बार और कुछ अर्ध-निर्मित चांदी उत्पादों का आयात “फ्री” कैटेगरी में था और इसके लिए केवल सामान्य व्यापारिक प्रक्रियाओं का पालन करना होता था। लेकिन अब इन्हें “प्रतिबंधित” श्रेणी में डाल दिया गया है, जिसका अर्थ है कि इनके आयात के लिए सरकार से विशेष अनुमति या लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए अब चैप्टर 71 के तहत पॉलिसी कंडीशन नंबर 7 का पालन करना होगा, जिससे आयात प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सख्त और नियंत्रित हो जाएगी।

restricted silver import India: सरकार ने क्यों उठाया कदम?

सरकार का यह कदम लगातार बढ़ते आयात बिल और विदेशी मुद्रा भंडार को संतुलित रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में सोने के आयात पर भी इसी तरह के कड़े नियम लागू किए गए थे, और अब उसी तर्ज पर चांदी के आयात को भी नियंत्रित करने की दिशा में यह बड़ा निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चांदी का आयात केवल अधिकृत चैनलों और तय नियमों के तहत ही हो, ताकि व्यापार घाटे (Trade Deficit) को नियंत्रित किया जा सके और अवैध या अनियमित आयात पर रोक लगाई जा सके।

इस फैसले का असर सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं पर तुरंत दिखाई नहीं देगा, लेकिन बुलियन व्यापारियों और ज्वैलर्स के लिए यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब विदेशों से चांदी मंगाना पहले की तरह आसान नहीं रहेगा, क्योंकि इसके लिए अतिरिक्त कागजी प्रक्रिया और सरकारी मंजूरी की आवश्यकता होगी। इससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ सकता है, जिसके चलते आने वाले समय में घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आयात प्रक्रिया लंबी और जटिल हुई तो बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे निवेशकों और व्यापारियों दोनों को नई रणनीति अपनानी पड़ सकती है।