मितव्ययिता उपाय: असम सरकार का ईंधन में 20 प्रतिशत कटौती का लक्ष्य

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मितव्ययिता उपाय: असम सरकार का ईंधन में 20 प्रतिशत कटौती का लक्ष्य

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  • Publish Date - May 20, 2026 / 05:31 PM IST,
    Updated On - May 20, 2026 / 05:31 PM IST

गुवाहाटी, 20 मई (भाषा) असम सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कई मितव्ययिता उपायों की घोषणा की है, जिनमें ईंधन खर्च में 20 प्रतिशत की कटौती और सभी मंत्रियों के काफिले का आकार छोटा करना शामिल है।

वित्त आयुक्त और सचिव जयंत नार्लीकर द्वारा सोमवार को ‘कार्यकारी आदेश’ के रूप में जारी ‘मितव्ययिता उपायों पर परामर्श’ में सरकार ने वेतन, पेंशन, ऋण पुनर्भुगतान और अन्य अनिवार्य खर्चों को छोड़कर राजस्व और प्रशासनिक खर्च में 10 प्रतिशत कटौती का लक्ष्य रखा है।

इसके साथ ही, राजस्व संग्रह बढ़ाने और बिजली की बर्बादी को न्यूनतम करने के लिए ‘ऊर्जा ऑडिट’ करने के कुछ कदमों को भी सूचीबद्ध किया गया है।

नार्लीकर ने कहा, ‘प्रशासनिक औचित्य के हित में और पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट की वजह से की गई राष्ट्रीय अपील को देखते हुए, सरकार वित्तीय विवेक और अर्थव्यवस्था के अतिरिक्त उपायों को लागू करना आवश्यक समझती है।’

उन्होंने कहा कि वित्त विभाग ने समय-समय पर गैर-विकासात्मक व्यय को नियंत्रित करने और प्राथमिकता वाली योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए ‘मितव्ययिता उपायों पर सामान्य निर्देश’ जारी किए हैं। इन उपायों का उद्देश्य परिचालन दक्षता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देना है।

आदेश में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान पीओएल (पेट्रोल, तेल और लुब्रिकेंट्स) खर्च में 20 प्रतिशत की कटौती लागू की जाएगी।

इसमें यह भी कहा गया, ‘वित्त वर्ष 2025-26 की तुलना में चालू वर्ष में राजस्व/प्रशासनिक खर्च में 10 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। इसमें वेतन, पेंशन, ऋण पुनर्भुगतान और अन्य अनिवार्य खर्चों को छूट दी गई है।’

इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल से समझौता किए बिना मुख्यमंत्री, अन्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के काफिले के आकार को छोटा किया जाएगा, जबकि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और असम पुलिस के अंतर-जिला आवागमन को सीमित किया जाएगा।

आदेश में कहा गया है, ‘कानून-व्यवस्था से जुड़े आपातकालीन मामलों में सरकार की पूर्व अनुमति ली जाएगी। गृह एवं राजनीतिक विभाग इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करेगा।’

सरकार ने कहा कि सरकारी विभागों द्वारा वाहनों को किराये पर लेते समय इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को प्राथमिकता दी जाएगी और सार्वजनिक परिवहन, एक ही कार को साझा करना (कारपूलिंग) तथा ईवी के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

परिवहन विभाग आम जनता द्वारा ईवी खरीदने और राज्य भर में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए प्रोत्साहनों के संबंध में एक अधिसूचना भी जारी करेगा।

भाषा सुमित अविनाश मनीषा

मनीषा

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