एआई के दौर में ‘‘पूरी तरह मानवीय’’ बनना सच्चे नेतृत्व को परिभाषित करेगा: चंद्रिका टंडन

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एआई के दौर में ‘‘पूरी तरह मानवीय’’ बनना सच्चे नेतृत्व को परिभाषित करेगा: चंद्रिका टंडन

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  • Publish Date - March 29, 2026 / 02:07 PM IST,
    Updated On - March 29, 2026 / 02:07 PM IST

अहमदाबाद, 29 मार्च (भाषा) ग्रैमी पुरस्कार विजेता भारतीय-अमेरिकी संगीतकार चंद्रिका टंडन ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की दुनिया में समेकित बुद्धिमत्ता का मतलब ‘‘पूरी तरह मानवीय’’ बनना है और यही सच्चे नेतृत्व को परिभाषित करेगा।

टंडन ने शनिवार को भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद (आईआईएमए) के 61वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए स्नातक छात्रों से अपनी सुविधा के दायरे से बाहर निकलने और प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आग्रह किया।

आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि परिसर स्थित प्रतिष्ठित लुई कान प्लाजा में आयोजित दीक्षांत समारोह में चार पाठ्यक्रमों के कुल 629 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।

विज्ञप्ति के अनुसार, डिग्रियां आईआईएमए के अध्यक्ष पंकज पटेल, इसके निदेशक भरत भास्कर और समारोह की मुख्य अतिथि टंडन ने प्रदान कीं।

टंडन ने छात्रों से कहा, ‘‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता की दुनिया में समेकित बुद्धिमत्ता का मतलब ‘पूरी तरह’ मानवीय बनना है। यही सच्चे नेतृत्व को परिभाषित करेगा।’’

विज्ञप्ति में कहा गया कि उन्होंने स्नातकों को अपनी सुविधा के दायरे से बाहर निकलने, आलोचनात्मक ढंग से सोचने, रणनीतिक रूप से खोज करने और उद्देश्य एवं प्रतिबद्धता के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।

भाषा सिम्मी नेत्रपाल

नेत्रपाल