नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव को 17 फरवरी तक उसके निर्देशों का पालन करने को कहा है, जिसमें बीएलओ को बढ़ा हुआ मानदेय देना और जारी एसआईआर के दौरान जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना शामिल है।
एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को निर्वाचन सदन में पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती के साथ हुई बैठक में निर्वाचन आयोग के शीर्ष अधिकारियों ने उन्हें मंगलवार शाम 5:30 बजे तक आयोग के लंबित निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का कहा।
आयोग ने बीएलओ का बढ़ा हुआ मानदेय और मतदाता सूची के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए मंजूर अतिरिक्त भुगतान जारी न करने पर पश्चिम बंगाल सरकार की खिंचाई की है।
पिछले साल अगस्त में, निर्वाचन आयोग ने बीएलओ का सालाना वेतन 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया था और बीएलओ सुपरवाइजर का भुगतान 12,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया था। इसने निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) के लिए मानदेय को भी मंजूरी दी थी।
एक और अहम मुद्दा आयोग का राज्य सरकार को दिया गया निर्देश है कि एसआईआर कवायद के दौरान ‘‘जानबूझकर’’ नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।
चक्रवर्ती को आयोग ने बुलाया था, क्योंकि उन्होंने इस साल जनवरी में मुख्य सचिव का पद संभाला था। पश्चिम बंगाल में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
भाषा शफीक गोला
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