कोलकाता, एक जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में ‘सेवाश्रय’ चिकित्सा सहायता कार्यक्रम के संचालन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और कई अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
भाजपा नेता अभिजीत दास ने बिष्णुपुर थाने में यह शिकायत दर्ज कराई। दास को बॉबी के नाम से भी जाना जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के आयोजकों ने चिकित्सा मानकों का उल्लंघन किया, अयोग्य चिकित्सकों को शामिल किया, जांच उपकरणों का दुरुपयोग किया और शिविरों में उपस्थिति के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया।
भाजपा नेता द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। दास के अनुसार, शिकायत में बनर्जी, उनके करीबी सहयोगी सुमित रॉय, अयान घोष दस्तीदार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यक्रम से जुड़े चिकित्सकों के नाम शामिल हैं।
दास ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि कुछ शिविरों में एलोपैथिक उपचार देने के लिए ‘झोलाछाप और होम्योपैथी चिकित्सकों’ की सेवाएं ली गईं।
उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान जारी किए गए कई पर्चों में बीमारी का विवरण और इलाज करने वाले चिकित्सकों के पंजीकरण नंबर जैसी बुनियादी जानकारियां तक दर्ज नहीं थीं।
दास ने ऐसे ही एक पर्चे की प्रति दिखाते हुए आरोप लगाया कि उसमें मरीज का नाम और उम्र तो लिखी गई थी लेकिन बीमारी का कोई उल्लेख नहीं था तथा दस्तावेज में केवल ‘अस्पताल भेजा जाता है’ लिखा हुआ था।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि अल्ट्रासोनोग्राफी मशीनों सहित अन्य जांच उपकरणों का इस्तेमाल संबंधित नियमों के तहत आवश्यक अनुमति लिए बिना किया गया।
उन्होंने बताया कि शिकायत की एक प्रति डायमंड हार्बर जिले के पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है।
ये आरोप ‘सेवाश्रय’ पहल को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच सामने आए हैं।
यह डायमंड हार्बर क्षेत्र में अभिषेक बनर्जी से जुड़ा एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम है।
इस कार्यक्रम की शुरुआत डायमंड हार्बर के सांसद ने वर्ष 2022 में की थी।
दास ने आरोप लगाया कि मरीजों को एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी महंगी जांच कराने के लिए भेजा गया, जो राज्य की स्वास्थ्य साथी स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में नहीं आती हैं।
इन आरोपों पर अभिषेक बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
भाषा जितेंद्र माधव
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