नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार ने शहर की अनधिकृत कॉलोनियों में संपत्ति के पंजीकरण के लिए जरूरी संपत्ति हस्तांतरण विलेख और प्राधिकार पर्ची पाने के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर तय की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि समय-सीमा के बाद कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राजस्व विभाग को इन दस्तावेजों को जारी करने के लिए 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों से बहुत कम, यानी लगभग 2,000 आवेदन ही मिले हैं।
बुधवार को जारी एक सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि पीएम-उदय योजना (प्रधानमंत्री अनधिकृत कॉलोनी आवास अधिकार योजना) के तहत, दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने संपत्ति हस्तांतरण विलेख और प्राधिकार पर्ची पाने के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर, 2026 तय की है।
सरकारी जमीन पर बने मकानों के लिए हस्तांतरण विलेख जारी किए जाते हैं और इन अनधिकृत कॉलोनियों में निजी जमीन पर बने मकानों के लिए आधिकारिक पर्ची जारी की जाती है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से नियमितीकरण प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए ये दस्तावेज आवश्यक हैं।
अप्रैल में, केंद्र सरकार ने दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को मंज़ूर नक्शा योजना की जरूरत के बिना, “जैसी हैं, वैसी ही” के आधार पर नियमित करने का फ़ैसला किया।
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