इंफाल, एक जुलाई (भाषा) मणिपुर के कामजोंग जिले में बुधवार को भारत-म्यांमा सीमा के पास कम से कम दो आदिवासी गांवों के कई घरों में हथियारबंद उग्रवादियों ने आग लगा दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि अपराह्न करीब 12:30 बजे कुकी-जो समुदाय के गांव फाइमोल में फूस के बने लगभग 10 घरों में आग लगा दी गई। यह गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास चसाड थाने से लगभग 45 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है।
अधिकारियों ने बताया कि घटना के समय ग्रामीण वहां मौजूद नहीं थे, क्योंकि वे एक हफ्ते से अधिक समय से पास के ही एक गांव में अस्थायी रूप से शरण लिये हुए थे।
राज्य में कुकी समुदाय की सबसे बड़ी संस्था ‘कुकी इनपी मणिपुर’ (केआईएम) ने आगजनी की कड़ी निंदा की और दावा किया कि ये हमले म्यांमा में सीमा के उस पार से संचालित हो रहे संगठनों ने किए थे।
केआईएम ने केंद्र, मणिपुर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से और घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया।
एक अलग घटना (जिसे बदले की कार्रवाई माना जा रहा है) में उग्रवादियों ने उसी जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित कोंगकन थाने और आसपास के इलाकों में तांगखुल नगा समुदाय के लगभग आठ घरों में आग लगा दी।
फुंग्यार के विधायक लेशियो केशिंग ने कहा कि कोंगकन थाना इलाके में तांगखुल नगा समुदाय के कम से कम 12 घरों में आग लगा दी गई।
भाषा शुभम सुरेश
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