नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) सरकार ने उच्चतम न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश समेत न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के प्रावधान वाला विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया।
इस दौरान विपक्षी सदस्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले और नीट पेपर लीक के मुद्दों को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।
इसी साल मई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित विधेयक को मंजूरी दी थी। इसके तुरंत बाद सरकार अध्यादेश लेकर आई थी।
अध्यादेश के बाद बढ़ाई गई स्वीकृत संख्या के आधार पर उच्चतम न्यायालय में पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई।
विधेयक के लिए संविधान में संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी और इसे पारित करने के लिए साधारण बहुमत की जरूरत होगी।
उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या इससे पहले 2019 में बढ़ाई गई थी। उस समय प्रधान न्यायाधीश को छोड़कर न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 30 से बढ़ाकर 33 की गई थी।
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हक वैभव
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