भुवनेश्वर, 22 अप्रैल (भाषा) ओडिशा में विपक्षी दल बीजू जनता दल ने बुधवार को राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले की प्रक्रिया के दौरान लगभग 9.8 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए चिह्नित किए जाने पर चिंता जतायी और जल्द से जल्द इन सभी के दोबारा सत्यापन की मांग की।
बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) ने पूरे राज्य में लगभग 9.8 लाख नामों की पहचान की है, जिन्हें मृत्यु और निवास स्थान बदलने के कारण मतदाता सूची से हटाया जाएगा।
बीजद ने यहां मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होने से पहले पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एक मजबूत और त्रुटिरहित व्यवस्था बनाने की मांग की गई।
बीजद ने ज्ञापन में कहा, ‘अनुच्छेद 326 के तहत मतदान के अधिकार की संवैधानिक पवित्रता को ध्यान में रखते हुए हम ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) से आग्रह करते हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि बिना किसी गहन और सत्यापन योग्य जमीनी स्तर पर जांच के किसी भी नाम को हटाने को अंतिम रूप न दिया जाए। हटाए जाने के लिए चिह्नित सभी मामलों का राज्य-व्यापी व्यापक पुनर्सत्यापन यथाशीघ्र किया जाना चाहिए।’
विपक्षी दल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से निर्वाचन क्षेत्र-वार डेटा और नाम हटाए जाने के कारणों का खुलासा करने को भी कहा, जिसके आधार पर उन जिलों में स्वतंत्र ऑडिट तंत्र स्थापित किए जाने चाहिए जहां बड़ी विसंगतियाँ हैं, और शिकायत निवारण प्रणालियों को मजबूत किया जाना चाहिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर. एस. गोपालन ने सोमवार को कहा कि बीएलओ ने अनुपस्थित मतदाताओं के संबंध में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और इस मामले पर निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) निर्णय लेंगे।
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शुभम रंजन
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