भाजपा ने कर्नाटक में 2,500 करोड़ रुपये के आबकारी घोटाले का आरोप लगाया, मंत्री के इस्तीफे की मांग की

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भाजपा ने कर्नाटक में 2,500 करोड़ रुपये के आबकारी घोटाले का आरोप लगाया, मंत्री के इस्तीफे की मांग की

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  • Publish Date - January 23, 2026 / 05:08 PM IST,
    Updated On - January 23, 2026 / 05:08 PM IST

बेंगलुरु, 23 जनवरी (भाषा) विपक्षी भाजपा ने शुक्रवार को कर्नाटक के आबकारी विभाग में 2,500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए विधानसभा की कार्यवाही के दौरान राज्य के आबकारी मंत्री आर बी तिम्मापुर के इस्तीफे की मांग की।

विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने इस मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि आबकारी लाइसेंस प्रक्रिया के माध्यम से ली गई रिश्वत को असम और केरल जैसे राज्यों में चुनाव खर्चों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करते हुए आबकारी लाइसेंसों की ‘नीलामी’ की जा रही है।

इस मुद्दे ने सदन में उस समय टकराव की स्थिति पैदा कर दी जब अध्यक्ष यू टी खादर ने कांग्रेस विधायक ए एस पोन्नाना को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करने के लिए कहा।

अशोक ने आपत्ति जताई और कहा कि कथित आबकारी घोटाले पर उनका कार्य स्थगन नोटिस पहले लिया जाना चाहिए।

इसके जवाब में अध्यक्ष ने कहा कि नोटिस पर कार्य स्थगन प्रस्ताव के तहत विचार नहीं किया जा सकता है और इस मामले पर बाद में किसी अन्य नियम के तहत चर्चा की जा सकती है।

हालांकि, अशोक और भाजपा विधायक सुनील कुमार ने मांग की कि स्थगन नोटिस को खारिज करने से पहले उनकी प्रारंभिक दलीलें सुनी जाएं।

उन्होंन अध्यक्ष से कहा, ‘कृपया नियमों का पालन करें।’

अध्यक्ष ने उनके आग्रह पर अशोक को उनकी शुरुआत बात रखने की अनुमति दी।

विपक्ष के नेता ने कहा, “राज्य में शराब से संबंधित लगभग 2,500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है, जिसका ऑडियो भी सामने आया है। आबकारी विभाग में लाइसेंसों की नीलामी हो रही है। इस घोटाले के संबंध में मंत्री और उनके बेटे का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह तीसरा मामला है।”

उन्होंने राज्य सरकार पर ‘भ्रष्टाचार’ का आरोप लगाया और कहा कि इस संबंध में लोकायुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई गई है।

उन्होंने कहा, ‘मंत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। आरोप केवल ऑडियो पर आधारित नहीं है, इस संबंध में एक शिकायत भी है। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इस पर चर्चा आवश्यक है। हमें इस मुद्दे को उठाने की अनुमति दें।’

सुनील कुमार ने पूछा, ‘इसमें रिश्वतखोरी शामिल है, इस मुद्दे पर चर्चा में देरी कैसे हो सकती है?’

अशोक के अनुसार, असम और केरल विधानसभा चुनावों के लिए रिश्वत या कमीशन के रूप में धन एकत्र किया जा रहा है।

जैसे ही अध्यक्ष ने निर्धारित कार्यवाही को आगे बढ़ाया और कांग्रेस विधायक पोन्नन्ना को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करने की अनुमति दी, जिसका सत्तारूढ़ दल के विधायक प्रदीप ईश्वर ने समर्थन किया, भाजपा विधायकों ने मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध शुरू कर दिया।

नारेबाजी के बीच, अध्यक्ष ने सदन को भोजनावकाश के लिए स्थगित कर दिया।

हाल में, लोकायुक्त पुलिस ने बेंगलुरु शहरी जिले के आबकारी उपायुक्त जगदीश नाइक, आबकारी अधीक्षक थम्मन्ना के एम और आबकारी कांस्टेबल लक्कप्पा गनी को 25 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।

उन पर एक आवेदक से सीएल-सात (होटल और गेस्ट हाउस) और आबकारी लाइसेंस जारी करने के लिए 80 लाख रुपये की मांग करने का आरोप था।

भाषा तान्या माधव

माधव