भाजपा ‘जेन- जी’ को खुलकर अपनी बात रखने की आजादी देती है : समिक भट्टाचार्य

भाजपा 'जेन- जी' को खुलकर अपनी बात रखने की आजादी देती है : समिक भट्टाचार्य

भाजपा ‘जेन- जी’ को खुलकर अपनी बात रखने की आजादी देती है : समिक भट्टाचार्य
Modified Date: September 7, 2026 / 03:15 pm IST
Published Date: September 7, 2026 3:15 pm IST

कोलकाता, सात सितंबर (भाषा) भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी ‘जेन-जी’ को एक अलग समूह के तौर पर नहीं देखती और युवाओं को खुद को अभिव्यक्त करने की आजादी देती है।

भट्टाचार्य ने यहां भाजपा कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पार्टी युवा पीढ़ी पर अपना फैसला थोपने या उन्हें एक अलग समूह के तौर पर अलग-थलग करने में विश्वास नहीं रखती है।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा अपनी बात थोपने में विश्वास नहीं रखती और ‘जेन-जी’ को अपनी आवाज उठाने की आजादी देती है। उन्हें एक अलग समूह के तौर पर अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए। वे राष्ट्रवाद, देशभक्ति और भारत माता के प्रति सम्मान में विश्वास रखते हैं।’’

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब भाजपा नगर निकाय चुनावों से पहले ‘जेन-जी’ को एक महत्वपूर्ण वोट बैंक के तौर पर देख रही है।

राज्यसभा सदस्य भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि लोगों को यह तय करने की आजादी होनी चाहिए कि वे क्या खाना चाहते हैं और उन पर सांस्कृतिक या धार्मिक आधार पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई व्यक्ति (नवरात्र के दौरान) नवमी के दिन मछली या मांस खाना चाहता है, तो इसमें क्या बुराई है?’’

कुछ हिंदू संगठनों के नेताओं द्वारा बंगाली हिंदुओं से नवरात्र के दौरान मांसाहारी भोजन से परहेज करने को कहे जाने के बाद उनकी यह टिप्पणी आई।

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘खान-पान का चयन व्यक्ति की अपनी पसंद होनी चाहिए और दूसरों को इसे तय नहीं करना चाहिए। कोई मछली खा सकता है, कोई मांस खा सकता है, जबकि कोई दोनों में से कुछ भी न खाने का फैसला कर सकता है। यह व्यक्ति की अपनी पसंद है।’’

भाषा सुभाष दिलीप

दिलीप


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