जयपुर, एक मई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं को पेपरलीक के दंश से मुक्ति दिलाई है और राज्य में अब प्रतियोगी परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ आयोजित की जा रही हैं।
वह यहां विदेशी भाषा संचार कौशल पाठ्यक्रम को लेकर सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर से जुड़े कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “पूर्ववर्ती सरकार में पेपरलीक जैसी घटनाओं के कारण युवाओं के साथ अन्याय हुआ। हमारी सरकार ने प्रदेश के युवाओं को पेपरलीक के दंश से मुक्ति दिलाई है। हमने अब तक 351 परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करवाई हैं तथा एक भी बार पेपर लीक नहीं हुआ।”
आधिकारिक बयान के अनुसार शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के साथ-साथ कौशल से जोड़कर कुशल बना रही है और युवा अब नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बन रहा है।
उन्होंने स्वामी विवेकानंदजी का उल्लेख करते हुए युवाओं से विदेशी भाषा सीखने और देश-दुनिया में छा जाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कौशल विकास विजन को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने अंग्रेजी एवं विदेशी भाषाएं विश्वविद्यालय, हैदराबाद और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के साथ एमओयू किए हैं।
उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से हमारे युवाओं को फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, जापानी और कोरियन सीखने का अवसर मिलेगा।
भाषा पृथ्वी जोहेब
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