जयपुर, 12 अगस्त (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक संसदीय समिति की रिपोर्ट के हवाले से केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर बुधवार को निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस रिपोर्ट ने भाजपा सरकार के ‘सामाजिक न्याय’ के दावों की पोल खोल दी है।
गहलोत ने एक बयान में कहा, ‘‘संसदीय समिति की रिपोर्ट ने केंद्र की भाजपा सरकार के ‘सामाजिक न्याय’ के दावों की पोल खोल दी है। अनुसूचित जाति-अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग योजना में 2023-24 में 3,500 के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 223 यानी 6.4 प्रतिशत छात्रों को कोचिंग मिली, 2025-26 में यह आंकड़ा फिर गिरकर सिर्फ 12.3 प्रतिशत रह गया।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत ने कहा कि इसका बजट भी जानबूझकर 47 करोड़ से घटाकर सिर्फ 20 करोड़ रुपए कर दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह लापरवाही नहीं बल्कि सोची-समझी नीति है। जो सरकार अनुसूचित जाति और ओबीसी वर्ग के वोट तो मांगती है, उसी वर्ग के बच्चों की शिक्षा योजना का बजट चुपचाप काट देती है।’’
गहलोत ने कहा कि संसदीय समिति को खुद कहना पड़ा कि सरकार का जवाब संतोषजनक नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी (तत्कालीन) कांग्रेस सरकार की अनुप्रति कोचिंग योजना ने राजस्थान में हजारों अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी छात्रों को प्राथमिकता देकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का सशक्त मंच दिया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि दलित-पिछड़ों की शिक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।’’
भाषा पृथ्वी सिम्मी
देवेंद्र
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