नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) सरकार ने बुधवार को संसद को बताया कि निजी क्षेत्र के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र खुलने के बाद से अंतरिक्ष विनियामक ‘इन-स्पेस’ ने 18 स्टार्टअप सहित 52 गैर सरकारी इकाइयों को अलग-अलग अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए 113 मंजूरी दी हैं।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि उद्योग संवर्द्धन और आंतरिक व्यापार विभाग के ‘स्टार्ट-अप इंडिया पोर्टल’ के अनुसार, भारत में वर्तमान में लगभग 440 अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप पंजीकृत हैं।
सिंह ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की वाणिज्यिक शाखा, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) ने ‘इन-स्पेस’ के साथ मिलकर, इसरो या अंतरिक्ष विभाग द्वारा विकसित कई प्रौद्योगिकी निजी कंपनियों को हस्तांतरित की हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अब तक, एनएसआईएल ने इसरो/अंतरिक्ष विभाग में विकसित 83 प्रौद्योगिकियों को भारतीय उद्योग को हस्तांतरित करने के लिए 118 प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों पर हस्ताक्षर किये हैं।’’
हस्तांतरित की गई प्रौद्योगिकी में लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) प्रौद्योगिकी और इंडियन मिनी सैटेलाइट-1 बस शामिल हैं।
मंत्री ने कहा, ‘‘31 मार्च 2026 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप में कुल निवेश लगभग 61.85 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।’’
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