कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में संसद में मेकेदातु बांध मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग रखी: द्रमुक

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कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में संसद में मेकेदातु बांध मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग रखी: द्रमुक

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  • Publish Date - July 20, 2026 / 09:46 AM IST,
    Updated On - July 20, 2026 / 09:46 AM IST

चेन्नई, 20 जुलाई (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने कहा है कि दिल्ली में आयोजित कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में उसने कावेरी नदी पर मेकेदातु बांध बनाने की कर्नाटक सरकार की योजना पर संसद में चर्चा के लिए समय उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।

पार्टी ने यह भी कहा कि उसने बैठक में इस सत्र के दौरान विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक, 2026 को पेश किए जाने का कड़ा विरोध किया।

द्रमुक के राज्यसभा सदस्य पी. विल्सन ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के निर्देशों के अनुसार, लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में हमने कर्नाटक सरकार की मेकेदातु बांध निर्माण योजना तथा इस मामले में न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) के गठन की तमिलनाडु की मांग पर संसद में चर्चा के लिए समय उपलब्ध कराने पर जोर दिया।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पड़ोसी राज्य की यह योजना साकार होती है, तो इससे तमिलनाडु के किसानों और आम जनता के हित गंभीर रूप से प्रभावित होंगे।

विल्सन ने कहा, ‘‘द्रमुक ने बीएसी की बैठक में यह भी आपत्ति दर्ज कराई कि कड़े एफसीआरए संशोधन विधेयक से प्रभावित होने वाले हितधारकों और धार्मिक संस्थानों से अब तक कोई परामर्श नहीं किया गया है। इसलिए पार्टी ने मौजूदा संसदीय सत्र में एफसीआरए संशोधन विधेयक, 2026 को पेश किए जाने का कड़ा विरोध किया है।’’

भाषा खारी गोला

गोला