रांची, 12 अगस्त (भाषा) झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को आरोप लगाया कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ताजा रिपोर्ट से राज्य सरकार की विफलता, प्रशासनिक अक्षमता, योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुई हैं।
मरांडी ने सरकार पर केंद्रीय निधियों का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जल जीवन मिशन (जेजेएम), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) और मनरेगा जैसी योजनाओं में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
कैग की ताजा रिपोर्ट मंगलवार को संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड विधानसभा में पेश की थी।
मरांडी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘कैग की रिपोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार की प्रशासनिक अक्षमता, योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं की गंभीर तस्वीर पेश की है। सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। उसके अपने आंकड़े ही उसकी विफलता उजागर करते हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के गरीब परिवारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि कुल 22.34 लाख पात्र परिवारों में से 6.32 लाख परिवार लाभार्थियों के चयन को अंतिम रूप देने में हुई देरी के कारण पीएमएवाई-जी योजना से वंचित रह गए।
भाषा अमित पवनेश
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