कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मुर्शिदाबाद में बार-बार हिंसा पर चिंता जताई

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मुर्शिदाबाद में बार-बार हिंसा पर चिंता जताई

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  • Publish Date - January 20, 2026 / 05:34 PM IST,
    Updated On - January 20, 2026 / 05:34 PM IST

कोलकाता, 20 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बार-बार हो रही हिंसा और अशांति पर चिंता व्यक्त करते हुए, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पुलिस और प्रशासन को वहां शांति बनाए रखने का निर्देश दिया।

मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय बल की मांग कर सकती है।

अदालत ने मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट को यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय करने का निर्देश दिया कि वहां हिंसा या अशांति की कोई और घटना न हो।

पड़ोसी राज्यों में प्रवासी श्रमिकों पर कथित हमलों के संबंध में पिछले सप्ताह मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में हुई हिंसा के मद्देनजर केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग करते हुए अदालत में दो जनहित याचिकाएं दायर की गईं।

झारखंड में बेलडांगा निवासी एक प्रवासी मजदूर की मौत के विरोध में 16 जनवरी को प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 12 को लगभग छह घंटे तक अवरुद्ध रखा।

बिहार में मुर्शिदाबाद निवासी एक प्रवासी मजदूर के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में 17 जनवरी की सुबह भी सड़क और रेल मार्ग अवरुद्ध किए गए।

पुलिस द्वारा अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती के साथ शनिवार दोपहर को स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।

खंडपीठ में न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन भी हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा जांच कराने के संबंध में निर्णय लेने से पहले राज्य सरकार की रिपोर्टों का अध्ययन करेगी।

अदालत ने कहा कि स्थानीय निवासियों के जीवन और आजीविका को सुनिश्चित करना आवश्यक है।

भाषा

प्रशांत अविनाश

अविनाश