नकदी विवाद: बिरला ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच कर रही समिति पुनर्गठित की

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नकदी विवाद: बिरला ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच कर रही समिति पुनर्गठित की

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 12:55 AM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 12:55 AM IST

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने के आधारों की जांच के लिए गठित तीन-सदस्यीय समिति का बुधवार को पुनर्गठन किया। यह मामला पिछले वर्ष मार्च में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के राजधानी स्थित आवास से जली हुई नकदी मिलने से जुड़ा है।

लोकसभा अध्यक्ष ने पिछले वर्ष 12 अगस्त को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के लिए बहुदलीय नोटिस स्वीकार करने के बाद इस समिति का गठन किया था, जिससे उन्हें पद से हटाये जाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए… लोकसभा अध्यक्ष ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा को हटाने के लिए जिन आधारों पर अर्जी दायर की गई है, उनकी पड़ताल करने के उद्देश्य से एक समिति पुनर्गठित की है, जो छह मार्च, 2026 से प्रभावी होगी। इसमें निम्नलिखित तीन सदस्य शामिल होंगे:- 1. भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश अरविंद कुमार; 2. बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर; और 3. कर्नाटक उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री बी.वी. आचार्य।’’

न्यायमूर्ति कुमार और आचार्य पिछली समिति में भी सदस्य थे, जबकि न्यायमूर्ति चंद्रशेखर नए सदस्य हैं। उन्होंने मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव का स्थान लिया है।

भाषा शोभना सुरेश

सुरेश