केरल उच्च न्यायालय में चैनल ‘मीडिया वन’ ने खबरों के लिए ‘प्रताड़ित’ किए जाने का दावा किया

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केरल उच्च न्यायालय में चैनल ‘मीडिया वन’ ने खबरों के लिए ‘प्रताड़ित’ किए जाने का दावा किया

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  • Publish Date - February 10, 2022 / 09:19 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:21 PM IST

कोच्चि, 10 फरवरी (भाषा) प्रसारण पर रोक का सामना कर रहे मलयालम समाचार चैनल ‘मीडिया वन’ ने बृहस्पतिवार को केरल उच्च न्यायालय में दावा किया कि निष्पक्ष और वास्तविक समाचार रिपोर्टिंग के लिए उसे ‘प्रताड़ित’ किया जा रहा है।

दूसरी ओर, केंद्र ने अदालत से कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण चैनल के प्रसारण पर रोक लगाई गई है। उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद चैनल, उसके कर्मचारियों और एक पत्रकार संघ द्वारा एकल न्यायाधीश के आठ फरवरी के आदेश को रद्द करने की अपील पर फैसला सुरक्षित रख लिया।

‘मीडिया वन’ का संचालन करने वाली माध्यमम ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड ने मुख्य न्यायाधीश एस मणिकुमार और न्यायमूर्ति शाजी पी चाली की पीठ को बताया कि प्रतिबंध को सही ठहराने के लिए केंद्र द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे का कारण बेतुका है और इसका कोई आधार नहीं है।

चैनल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने भी पीठ को बताया कि लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग दिशानिर्देशों के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत किसी भी नई सुरक्षा मंजूरी की आवश्यकता नहीं है। माध्यमम, चैनल के संपादक प्रमोद रमण और कुछ कर्मचारियों तथा केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (केयूडब्ल्यूजे) ने एकल न्यायाधीश के आठ फरवरी के फैसले के खिलाफ अलग-अलग अपील दायर की हैं, जिसमें चैनल के प्रसारण पर रोक लगाने वाले केंद्र के 31 जनवरी के आदेश को बरकरार रखा गया।

यह पहली बार नहीं है जब चैनल को अपने संचालन पर इस तरह की पाबंदी का सामना करना पड़ा हो। ‘मीडिया वन’ के साथ एक अन्य मलयालम समाचार चैनल ‘एशियानेट’ के प्रसारण पर 2020 में दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा के उनके कवरेज के लिए 48 घंटे की रोक लगा दी गई थी।

भाषा आशीष नरेश

नरेश