Photographer Raghu Rai Passes Away/Image Credit: X Handle
Raghu Rai Passes Away: नई दिल्ली: भारत के विविध रूपों को अपने कैमरे में कैद करने वाले देश के प्रख्यात छायाकारों में से एक रघु राय का एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे। रघु राय के बेटे एवं छायाकार नितिन राय ने बताया ‘‘पिताजी को दो साल पहले प्रोस्टेट कैंसर हुआ था, लेकिन बाद में उन्हें राहत मिलने लगी थी। (Raghu Rai Passes Away) फिर कैंसर पेट तक फैल गया, जो ठीक हो गया था। हाल में यह मस्तिष्क तक पहुंच गया था और उन्हें उम्र संबंधी अन्य तकलीफें भी थीं।’’ रघु राय के परिवार में उनकी पत्नी गुरमीत, बेटे नितिन और तीन बेटियां—लगन, अवनि और पूर्वाई हैं।
Raghu Rai Passes Away: इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रघु राय के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि उनकी फोटोग्राफी में असाधारण संवेदनशीलता, गहराई और विविधता थी। पंजाब प्रांत के झांग शहर में (अब पाकिस्तान में) 18 दिसंबर 1942 को जन्मे राय ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी, लेकिन 23 साल की उम्र में उन्होंने कैमरा थाम लिया और 1966 में ‘द स्टेट्समैन’ अखबार के मुख्य छायाकार बन गए। उसके बाद के छह दशक किसी धुंधली स्मृति की तरह नहीं गुजरे, बल्कि हर पल दर्ज होता रहा। रघु राय का कैमरा भारत के सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल का मूक गवाह बनता रहा। (Raghu Rai Passes Away) मशहूर फ्रांसीसी फोटोग्राफर हेनरी कार्टियर-ब्रेसन के शागिर्द रहे रघु राय ने भारतीय इतिहास के कुछ सबसे मर्मस्पर्शी पलों को अपने कैमरे में कैद किया, फिर चाहे वह 1972 का बांग्लादेश शरणार्थी संकट हो या 1984 की भोपाल गैस त्रासदी।
Raghu Rai Passes Away: उन्होंने इंदिरा गांधी, दलाई लामा, मदर टेरेसा, सत्यजीत राय, हरिप्रसाद चौरसिया और बिस्मिल्ला खां जैसी प्रमुख हस्तियों की तस्वीरों के माध्यम से भारत के सामाजिक, (Raghu Rai Passes Away) राजनीतिक और आध्यात्मिक रंगों को इस तरह कैद किया, जिसने उनके जीवन को एक बिल्कुल नए स्वरूप में पेश किया और उनके अनछुए पहलुओं को दर्शाया।
रोजमर्रा की सुर्खियों से कहीं आगे, रघु राय के कैमरे ने आम आदमी और साधारण जीवन को उतनी ही, बल्कि उससे भी अधिक संजीदगी एवं गहराई के साथ दर्ज किया। उनके फ्रेम में साधारण भी असाधारण बन उठता था, मानो अक्सर इन श्वेत-श्याम तस्वीरों में वह जीवन की कठोरता को कम करना चाहते हों।
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