CJI Gavai Attack News: सीजेआई बीआर गवई की दरियादिली.. जूता उछालने वाले वकील को किया माफ़, बार काउंसिल ने रद्द किया वकालत का लाइसेंस..

Ads

यह घटना सीजेआई बीआर गवई की टिप्पणी के कुछ दिनों बाद हुई है। उन्होंने मध्य प्रदेश में यूनेस्को की विश्व धरोहर खजुराहो मंदिर परिसर के एक हिस्से, जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की सात फुट की मूर्ति के पुनर्निर्माण और पुनः स्थापित करने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था, जिससे सोशल मीडिया पर भारी विवाद छिड़ गया था।

  •  
  • Publish Date - October 7, 2025 / 08:33 AM IST,
    Updated On - October 7, 2025 / 08:38 AM IST

CJI Gavai Attack News || Image- Live Law Image

HIGHLIGHTS
  • सीजेआई ने वकील को किया माफ
  • बार काउंसिल ने किया निलंबित
  • खजुराहो टिप्पणी से था वकील नाराज़

CJI Gavai Attack News: नई दिल्ली: सोमवार को नई दिल्ली स्थित उच्चतम न्यायलय के कोर्टरूम में एक हैरान करने वाला घटनाक्रम देखने को मिला। सुनवाई के दौरान एक सत्तर साल के वकील ने सीजेआई की तरफ अपना जूता उछाल दिया और सनातन से जुड़े नारेबाजी की। हालांकि इस घटना के फ़ौरन बाद वहां मौजूद दूसरे वकीलों ने आरोपी वकील को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया है कि, सत्तर साल के आरोपी वकील राकेश किशोर खजुराहो के मंदिरों से संबंधित सीजेआई की टिप्पणियों से नाराज़ थे। एक पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया, “वह अपने साथ एक कागज भी लाया था जिसमें उसने लिखा था ‘सनातन धर्म का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’।” मामले की शुरुआती जांच और पूछताछ दिल्ली के दो डीसीपी स्तर के अधिकारी कर रहे है।

सीजेआई ने किया आरोपी को माफ़, प्रैक्टिस से निलंबित

हालांकि इसके बाद चीफ जस्टिस बीआर गवई ने दरियादिली दिखाई और सीजेआई गवई कहने पर पुलिस ने आरोपी वकील को करीब तीन घंटे की पूछताछ के बाद रिहा कर दिया। आरोपी के जूते और सामन भी उसे वापस लौटा दिए गये है। उनके खिलाफ कोई चार्ज भी नहीं लगाया जाएगा। हालांकि बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने आरोपी वकील राकेश किशोर को प्रैक्टिस से निलंबित कर दिया है। इसका विधिवत आदेश भी जारी कर दिया गया है।

‘विचलित न हो कोई’ : सीजेआई गवई

CJI Gavai Attack News: मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने सुप्रीम कोर्ट में अपने ऊपर हुए हमले का जवाब देते हुए कहा कि ऐसी बातों से उन पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने अदालत से सुनवाई जारी रखने का अनुरोध किया। उन्होंने अदालत में मौजूद वकीलों से कहा, “इन सब बातों से विचलित मत होइए। हम विचलित नहीं हैं। इन बातों का मुझ पर कोई असर नहीं पड़ता।”

पीएम मोदी ने की घटना की निंदा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बी.आर. गवई से बात कर वकील द्वारा उन पर जूता फेंकने के प्रयास की निंदा की और कहा कि इस हमले से हर भारतीय नाराज है। उन्होंने कहा, “हमारे समाज में इस तरह के निंदनीय कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है।” उन्होंने घटना के बाद शांति बनाए रखने के लिए गवई की प्रशंसा की।

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी आर गवई जी से बात की। आज सुबह उच्चतम न्यायालय परिसर में उन पर हुए हमले से हर भारतीय नाराज है। हमारे समाज में ऐसे भर्त्सनायोग्य कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है। यह पूरी तरह से निंदनीय है।” उन्होंने कहा, “मैं ऐसी स्थिति में न्यायमूर्ति गवई द्वारा प्रदर्शित धैर्य की सराहना करता हूं। यह हमारे संविधान की भावना को मजबूत करने तथा न्याय के मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

क्या है खजुराहो मूर्ति विवाद?

दरअसल यह घटना सीजेआई बीआर गवई की टिप्पणी के कुछ दिनों बाद हुई है। उन्होंने मध्य प्रदेश में यूनेस्को की विश्व धरोहर खजुराहो मंदिर परिसर के एक हिस्से, जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की सात फुट की मूर्ति के पुनर्निर्माण और पुनः स्थापित करने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था, जिससे सोशल मीडिया पर भारी विवाद छिड़ गया था। सीजेआई ने इस मामले में सुनवाई के दौरान कहा था कि यह एक प्रचार याचिका है और जाइये भगवान से कहिये कि वह कुछ करें। आरोपी मुख्य न्यायधीश की इसी टिप्पणी से नाराज बताया जा रहा है।

 

READ MORE: उपराष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार विभिन्न दलों के नेताओं के साथ औपचारिक बैठक करेंगे सी.पी. राधाकृष्णन…

READ ALSO: 2 चरण में चुनाव..किसका चलेगा दांव? NDA या महागठबंधन..कौन जीतेगा रण? देखिए पूरी रिपोर्ट

Q1: सीजेआई गवई पर हमला किसने और क्यों किया?

A1: 70 वर्षीय वकील राकेश किशोर ने खजुराहो टिप्पणी से नाराज़ होकर जूता फेंका।

Q2: सीजेआई गवई ने हमले के बाद क्या किया?

A2: उन्होंने आरोपी वकील को माफ कर दिया, कोई कानूनी कार्यवाही नहीं करवाई।

Q3: आरोपी वकील के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?

A3: बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने उसका वकालत लाइसेंस निलंबित कर दिया है।