नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) इन दिनों सुर्खियां बनी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले अपने जनाधार का विस्तार करने के उद्देश्य से मंगलवार को तीन प्रवक्ताओं की नियुक्ति की घोषणा की।
अभिजीत दीपके द्वारा स्थापित पार्टी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि खोजी पत्रकार सौरव दास पार्टी के मुख्य प्रवक्ता होंगे, जबकि राजनीतिक शोधकर्ता एवं फिल्म निर्माता विजेता दहिया और पूर्व प्रबंधन सलाहकार आशुतोष रांका जनता और मीडिया के समक्ष संगठन का प्रतिनिधित्व करेंगे।
पार्टी ने कहा, ‘‘सीजेपी भारत के राजनीतिक विमर्श की दिशा बदलने के लिए प्रतिबद्ध है और इस बदलाव का नेतृत्व नयी पीढ़ी के नेता करेंगे।’’
घोषणा के अनुसार, सौरव दास को कानूनी, न्यायिक और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित पत्रकारिता का अनुभव है। पार्टी ने यह दावा भी किया कि नवंबर 2025 में इंडिया गेट पर आयोजित प्रदूषण-विरोधी प्रदर्शनों में उनकी अग्रणी भूमिका रही थी।
पार्टी के अनुसार, राजनीतिक शोधकर्ता, लेखक और फिल्म निर्माता विजेता दहिया कई यूट्यूब कंटेंट निर्माताओं के लिए शोध और सामग्री निर्माण का कार्य कर चुके हैं।
दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के स्नातक दहिया ने ‘पावर ऑफ यूनिवर्स’’ और ‘‘टू हेल विद दैट जॉब’’ नामक पुस्तकें लिखी हैं। इसके अलावा उन्होंने हरियाणवी फिल्मों दरारें और ओपरी पराई का लेखन और निर्देशन भी किया है।
पार्टी के मुताबिक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के पूर्व छात्र आशुतोष रांका इससे पहले लंदन में वैश्विक परामर्श कंपनी मैक्किंजे एंड कंपनी के साथ कार्य कर चुके हैं।
पार्टी ने कहा कि रांका पिछले वर्ष भारत लौटे थे और तब से जयपुर में पर्यावरण, शिक्षा तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न जन अभियानों से जुड़े हुए हैं। इनमें नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद से संबंधित अभियान भी शामिल हैं।
इन नियुक्तियों की घोषणा अभिजीत दीपके के छह जून को भारत लौटने के निर्धारित कार्यक्रम से कुछ दिन पहले की गई है।
सीजेपी संस्थापक ने कथित नीट प्रश्नपत्र लीक और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की प्रणाली में कथित खामियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू करने की योजना की घोषणा की है।
पिछले महीने शुरू किए गए इस संगठन को सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रियता मिली है। विशेष रूप से छात्रों और युवाओं के बीच शिक्षा तथा युवा मुद्दों पर केंद्रित एक मंच के रूप में इसकी उल्लेखनीय पहचान बनी है।
भाषा गोला मनीषा
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