त्रिशूर (केरल), तीन जून (भाषा) केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने बुधवार को केरल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना के लिए केंद्र द्वारा सुझाए गए किसी भी स्थान पर विचार करने की राज्य सरकार की इच्छा का स्वागत किया और इसे एक ‘‘सकारात्मक कदम’’ बताया, जिससे राज्य को इस प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान की मंजूरी मिलने की संभावना मजबूत हो सकती है।
यहां पत्रकारों से बातचीत में गोपी ने कहा कि वह 2016 में राज्यसभा सदस्य बनने के बाद से ही राज्य सरकार से केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एम्स की स्थापना के लिए कई संभावित स्थानों के नाम भेजने का आग्रह करते रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं राज्यसभा के दिनों से ही राज्य सरकार से कहता रहा हूं कि केरल में एम्स स्थापित करने की इच्छा जताने के साथ-साथ उसे दिशा-निर्देशों के अनुसार पांच स्थानों का प्रस्ताव भी भेजना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि नयी योजना के तहत जिन राज्यों ने इन दिशा-निर्देशों का पालन किया, उन्हीं को एम्स की मंजूरी मिली।
एक सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के रुख में आया यह बदलाव जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप है।
भाजपा नेता ने कहा कि वह केरल में एम्स स्थापित कराने के लिए अपना प्रयास जारी रखेंगे।
गोपी ने आरोप लगाया कि जब भी उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से इस मुद्दे पर चर्चा की, तो उन्हें बताया गया कि प्रस्तावित एम्स के लिए कोझिकोड को पहले ही राज्य सरकार द्वारा चुना जा चुका है।
उन्होंने दावा किया, ‘‘जब भी मैंने स्थान के बारे में पूछा, मुझे बताया गया कि कोझिकोड तय हो चुका है। जब मैंने कहा कि दिशा-निर्देशों के अनुसार चार और स्थानों के नाम भी भेजे जाने चाहिए, तो ऐसा नहीं किया गया।’’
गोपी की यह टिप्पणी उस बयान के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा था कि राज्य सरकार एम्स परियोजना के लिए केंद्र द्वारा सुझाए गए किसी भी स्थान को स्वीकार करने के लिए तैयार है।
मुरलीधरन ने कहा था कि राज्य सरकार किसी विशेष स्थान पर जोर दिए बिना आवश्यक भूमि का अधिग्रहण कर उसे केंद्र को सौंपने के लिए तैयार है।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा