नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) यमन और सोमालिया के पास समुद्री लुटेरों द्वारा कुल 22 भारतीय नागरिकों वाले दो वाणिज्यिक जहाजों को अगवा किए जाने के कुछ दिनों बाद, पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को कहा कि सभी संबंधित एजेंसियां दिन-रात काम कर रही हैं और वे भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सोनोवाल ने कहा कि सरकार ने समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (डीजीएमए) से कहा है कि वह एक ‘डैशबोर्ड’ बनाए, ताकि इस इलाके में आवाजाही करने वाले हर जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों के बारे में वास्तविक समय पर जानकारी मिल सके, चाहे जहाज किसी भी देश का हो।
उन्होंने कहा, ‘‘इस क्षेत्र में, जैसा कि आप जानते हैं, सभी संबंधित एजेंसियां दिन-रात काम कर रही हैं और खास तौर पर हम अपने नाविकों की सुरक्षा, हिफाजत और उन्हें सकुशल रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, चाहे वे कहीं भी काम कर रहे हों।’’
सोनोवाल से पूछा गया कि सरकार लाल सागर, अदन की खाड़ी और वृहद हिंद महासागर इलाके में काम करने वाले भारतीय नाविकों के समक्ष मौजूद सुरक्षा खतरों से कैसे निपट रही है, जहां जहाजों को इलाके में भू-राजनीतिक तनाव से जुड़े हमलों का सामना करना पड़ता है।
मंत्री ने कहा कि उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि प्रभावित इलाके में मौजूद हर भारतीय नाविक का पता लगाया जाए, चाहे जहाज किसी भी देश का हो।
पोत परिवहन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 21 अगस्त को बताया था कि ताजा जानकारी के अनुसार, अगवा किए गए दोनों जहाजों पर मौजूद भारतीय सुरक्षित हैं।
इरिट्रिया के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी सिबू 1 को 20 अगस्त को अदन की खाड़ी में यमन तट से लगभग 30 नॉटिकल मील (समुद्री मील) दूर अगवा कर लिया गया। टैंकर पर 16 भारतीय समेत चालक दल के 20 सदस्य थे। उनमें एक सीरियाई, एक सूडानी और एक इराकी नागरिक भी शामिल है, जबकि एक अन्य नाविक की नागरिकता की पुष्टि अभी बाकी है।
सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास कैमरून के झंडे वाले एक अन्य जहाज, एम/वी एलयूटीयूएफ को 17 अगस्त को अगवा कर लिया गया। इस जहाज पर चालक दल के 10 सदस्य हैं, जिनमें छह भारतीय शामिल हैं।
मंत्रालय के अधिकारी ने कहा था, ‘‘रिक्रूटमेंट एंड प्लेसमेंट सर्विस लाइसेंस (आरएसपीएल) एजेंसी – एसकेएस कृषि मरीन सर्विसेज (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड की रिपोर्ट के अनुसार, अभी छह हथियारबंद समुद्री लुटेरे जहाज (एमटी सिबू 1) पर मौजूद हैं और उन्होंने जहाज पर कब्जा कर लिया है।’’
इन दो जहाजों को ऐसे समय अगवा किया गया है जब भारतीय नाविकों को इस इलाके में, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में, सुरक्षा को लेकर अधिक चिंता है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव की वजह से दुनिया के सबसे अहम परिवहन मार्ग में से एक में व्यवधान आया है।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश