नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) वाशिंगटन में शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उपस्थिति में आयोजित एक कार्यक्रम में हुई गोलीबारी पर महाराष्ट्र के विधायक विजय वडेट्टीवार की टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक ने घटना को उचित ठहराया है और वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर इसी तरह के “हमले” के लिए “प्रार्थना” कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से विधायक के बयान की निंदा करने की मांग की।
सत्ताधारी पार्टी द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में, वडेट्टीवार कथित तौर पर कहते हैं, “जैसा बोओगे वैसा काटोगे। जो भी करोगे, उसका परिणाम भुगतना ही पड़ेगा,” साथ ही वह आरोप लगाते हैं कि ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान अन्य देशों पर प्रभुत्व जमाने की कोशिश की है और वैश्विक शांति को “भंग” किया है। उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि भारत में भी “इसी तरह की भावना” है।
ट्रंप, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और अन्य शीर्ष अधिकारियों को वाशिंगटन हिल्टन होटल में ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन’ के वार्षिक रात्रिभोज से उस समय सुरक्षित निकाल लिया गया, जब कई हथियारों से लैस एक व्यक्ति ने होटल के बैंक्वेट हॉल के बाहर गोलियां चलाईं।
वडेट्टीवार की टिप्पणियों का एक वीडियो क्लिप पोस्ट करते हुए भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राजनीतिक आलोचना की सीमा पार कर इस हमले का समर्थन किया है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विरोध करके कांग्रेस पार्टी अब देश के खिलाफ जा रही है। विजय वडेट्टीवार ने ट्रंप पर हुए गोलीबारी के प्रयास को जायज ठहराते हुए कहा है कि भारत में भी ऐसी ही भावना मौजूद है। एक तरह से वे यही उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसी घटना यहां भी घटित हो।”
पूनावाला ने विधायक पर पहले भी विवादास्पद बयान देने का आरोप लगाया, जिसमें “ऑपरेशन सिंदूर” पर बयान देना और 26/11 हमलों में पाकिस्तानी आतंकवादियों को कथित तौर पर क्लीन चिट देना शामिल है।
उन्होंने कहा, “अब तो उन्होंने सारी हदें पार कर दी हैं और सबसे घृणित टिप्पणी की है।”
भाजपा के प्रवक्ता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कांग्रेस नेताओं पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बार-बार अपशब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे बयान “खतरनाक और गैरजिम्मेदार मानसिकता” को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा, “आप भाजपा से नफरत कर सकते हैं, लेकिन आप इस देश में ऐसी चीजें क्यों घटित होते देखना चाहेंगे? और आप इसके लिए प्रार्थना या आशा क्यों करेंगे?”
पूनावाला ने कहा, “उन्होंने प्रधानमंत्री को 150 से अधिक बार अपशब्द कहे हैं और उन्हें धमकियां दी हैं। और अब वे इस हद तक गिर गए हैं। सिर्फ इसलिए कि वे भाजपा के विरोधी हैं, वे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से जुड़ी ऐसी घटनाओं को भी जायज ठहराने को तैयार हैं।”
‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में, उन्होंने खरगे की कथित टिप्पणियों का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने भाजपा और आरएसएस को “जहरीले सांप” बताते हुए उन्हें खत्म करने की बात कही थी और मोदी को “आतंकवादी” कहा था।
माफी की मांग करते हुए पूनावाला ने कहा कि यह कांग्रेस का “असली चेहरा” दर्शाता है और संविधान का अपमान है।
उन्होंने कहा, “यह वह पार्टी है जिसने आतंकवादियों की गोलियों से एक प्रधानमंत्री खोया है, और इसके बावजूद वे ऐसे बयान दे रहे हैं। यह ‘मोहब्बत की दुकान’ नहीं, बल्कि ‘संविधान का अपमान’ और ‘नफरत के भाईजान’ हैं। यही कांग्रेस पार्टी का असली चेहरा है।”
भाजपा के एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस को “टुकड़े-टुकड़े गिरोह का मोर्चा” बताया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “कांग्रेस एक शहरी नक्सली पार्टी है। अगर कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नहीं हरा सकती, तो अब वह उन पर हमला कराना चाहती है।”
वीडियो में वडेट्टीवार को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “उन्होंने (ट्रंप) अपने ही देश को बर्बाद कर दिया… जो अब हुआ है, वह होना ही था।”
वडेट्टीवार ने कहा कि अमेरिका में लोग विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं जबकि भारत में विरोध प्रदर्शनों की अनुपस्थिति से यह धारणा बनती है कि “सब कुछ ठीक है”, हालांकि उनके अनुसार “इसी तरह की भावना मौजूद है”।
उन्होंने कहा, “आज ट्रंप ने अपनी महत्वाकांक्षाओं और इच्छाओं को पूरा करने के लिए अमेरिका को तबाह कर दिया है, ठीक वैसे ही जैसे हमारे देश में हो रहा है। वहां लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन यहां वे बाहर नहीं निकल रहे हैं, इसलिए सरकार को लगता है कि सब ठीक है, जबकि कई लोगों को लगता है कि देश विनाश की ओर बढ़ रहा है।”
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं “सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति के साथ नहीं होनी चाहिए”, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि “कोई व्यक्ति जैसा करता है, अंततः जनता उसका जवाब देती है”।
भाषा
प्रशांत नरेश
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