‘सरके चुनर’ विवाद: संजय दत्त ने माफी मांगी; 50 आदिवासी लड़कियों की शिक्षा का खर्च उठाएंगे

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‘सरके चुनर’ विवाद: संजय दत्त ने माफी मांगी; 50 आदिवासी लड़कियों की शिक्षा का खर्च उठाएंगे

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  • Publish Date - April 27, 2026 / 07:44 PM IST,
    Updated On - April 27, 2026 / 07:44 PM IST

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) अभिनेता संजय दत्त ‘‘सरके चुनर’’ गीत से जुड़े विवाद के सिलसिले में सोमवार को राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष पेश हुए और एक लिखित माफीनामा सौंपा तथा समाज की भावनाओं को ‘‘अनजाने में’’ किसी भी तरह की ठेस पहुंचाने के लिए खेद व्यक्त किया।

सुनवाई के दौरान आयोग ने गीत में कथित अश्लीलता और महिलाओं को गलत तरीके से दर्शाने पर चिंता जताई तथा इरादे, जागरूकता और जवाबदेही के मुद्दों पर सवाल उठाए।

आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने सुनवाई के दौरान इस बात पर जोर दिया कि क्या इस तरह के गीत को तैयार करने से पहले पूरी तरह से जांच-पड़ताल की गई थी, जिसकी सामग्री को महिलाओं को वस्तु के रूप में पेश करने को बढ़ावा देने वाला माना जा सकता है।

उन्होंने वरिष्ठ और प्रभावशाली सार्वजनिक हस्तियों की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनका काम कानूनी और सामाजिक मानकों के दायरे में रहे।

आयोग ने एक बयान में कहा कि सुधारात्मक उपाय के तौर पर, दत्त ने समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण की कोशिशों के तहत 50 आदिवासी लड़कियों की पढ़ाई का खर्च उठाने का वादा किया है।

दत्त ने आयोग को यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में उनके करार में आवश्यक कानूनी प्रावधान शामिल किये जाएंगे ताकि फिल्मों और उनसे जुड़ी रचनात्मक परियोजनाओं में महिलाओं एवं बच्चों को सम्मानजनक और उपयुक्त प्रतिनिधित्व मिल सके।

अभिनेत्री नोरा फतेही को भी मामले में समन भेजा गया था। वह पेश नहीं हो सकीं क्योंकि वह अभी विदेश में हैं और उन्होंने सुनवाई के लिए नयी तारीख मांगी है।

छह अप्रैल को, गीत से जुड़े अन्य लोगों, जिनमें निर्देशक किरण कुमार उर्फ ​​प्रेम, गीतकार रकीब आलम और केवीएन प्रोडक्शन कंपनी के प्रतिनिधि गौतम के. एम. और सुप्रित शामिल थे, आयोग के समक्ष पेश हुए और माफीनामा सौंपा था।

आयोग ने रेखांकित किया कि कलात्मक आजादी जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए तथा बड़े पैमाने पर आम लोगों तक पहुंचने वाली सामग्री में जवाबदेही की जरूरत को दोहराया।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने महिलाओं की गरिमा की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

सोशल मीडिया पर रोष पैदा होने के बाद इस गीत को यूट्यूब से संभवत: हटा दिया गया है। हालांकि इसे विभिन्न प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से बजाया और साझा किया गया।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश