अदालत ने पोंज़ी धोखाधड़ी मामले में आरोपी की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की
अदालत ने पोंज़ी धोखाधड़ी मामले में आरोपी की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की
नयी दिल्ली, 21 दिसंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने पोंजी धोखाधड़ी में शामिल एक कंपनी में निवेश करने के लिए एक व्यक्ति को लुभाने के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
आदेश सुनाते हुए, अदालत ने पाया कि पूरे भारत में कंपनी के खिलाफ पहले से ही 48 प्राथमिकियां दर्ज हैं।
अदालत आरोपी अजय नागपाल की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने कथित तौर पर खुद को ‘फ्यूचर मेकर लाइफ केयर प्राइवेट लिमिटेड’ के कंपनी प्रतिनिधि के रूप में पेश किया था और शिकायतकर्ता तनुज गुप्ता को धोखा दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने सोमवार को सुनाए गए आदेश में कहा, ‘‘ मैं आरोपी को ज़मानत देने के पक्ष में नहीं हूं। आरोपी की ओर से दायर वर्तमान अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की जाती है।”
अदालत ने कहा कि फिलहाल मामले में जांच की जा रही है और नागपाल पर लगभग 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
फ़र्श बाज़ार थाने ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 34 (सामान्य मंशा) के तहत नागपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। जनवरी 2021 में प्रवर्तन निदेशालय ने हिसार की कंपनी के खिलाफ धनशोधन रोकथाम कानून के तहत आरोप पत्र दायर किया था।
भाषा नोमान दिलीप
दिलीप

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