ओलंपिक जज मीर के हंगरी कप में शामिल नहीं होने पर अदालत ने जम्मू कश्मीर प्रशासन से नाखुशी जताई

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ओलंपिक जज मीर के हंगरी कप में शामिल नहीं होने पर अदालत ने जम्मू कश्मीर प्रशासन से नाखुशी जताई

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 07:35 PM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 07:35 PM IST

श्रीनगर, 30 जुलाई (भाषा) जम्मू कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने समय पर अनुमति नहीं देने की वजह से पेरिस ओलंपिक की जज बिलकीस मीर के हंगरी में कैनो स्प्रिंट विश्व कप में नहीं शामिल होने के बाद ‘एक राष्ट्र के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने’ के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन से नाखुशी जताई।

मीर को कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद खेल आयुक्त सचिव शाहिद चौधरी को तलब करते हुए न्यायमूर्ति राहुल भारती की एकल-न्यायाधीश पीठ ने सरकार की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की और अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होकर यह बताने का निर्देश दिया कि मीर को अनंतिम अनुमति देने के अदालत के पहले के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया।

भारतीय कयाकिंग और कैनोइंग एसोसिएशन की याचिका और मीर द्वारा चौधरी और खेल परिषद के महानिदेशक के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर प्रशासन के खिलाफ दायर अवमानना ​​याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चौधरी को 3 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया।

हालांकि 2009 बैच के आईएएस अधिकारी चौधरी को जुलाई के पहले सप्ताह में अरुणाचल प्रदेश में स्थानांतरित कर दिया गया है, लेकिन युवा सेवा और खेल विभाग का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने अदालत के समक्ष इसका उल्लेख नहीं किया। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हुआ कि अधिकारी को उनके वर्तमान पद से मुक्त कर दिया गया है या नहीं।

बृहस्पतिवार को उपलब्ध कराए गए 28 जुलाई के आदेश में कहा गया है, ‘‘इस अदालत का मानना है कि युवा सेवा एवं खेल विभाग के आयुक्त/सचिव को राष्ट्रहित और राष्ट्रीय आह्वान से ऊपर जाने वाला इतना बड़ा अधिकार नहीं दिया जा सकता। इसलिए अदालत उन्हें 3 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश देने के लिए बाध्य है।’’

भाषा वैभव प्रशांत

प्रशांत