अदालत ने बंकर में नींद में चल बसे अधिकारी के परिवार को उदारीकृत परिवारिक पेंशन देने को सही ठहराया

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अदालत ने बंकर में नींद में चल बसे अधिकारी के परिवार को उदारीकृत परिवारिक पेंशन देने को सही ठहराया

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  • Publish Date - February 10, 2026 / 07:02 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 07:02 PM IST

चंडीगढ़, 10 फरवरी (भाषा) पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) के फैसले को सही ठहराते हुए कहा है कि सैन्य अधिकारी का परिवार उदारीकृत पारिवारिक पेंशन पाने का हकदार है।

सैन्य अधिकारी का अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक अधिसूचित परिचालन क्षेत्र में बंकर के अंदर नींद में निधन हो गया था।

मार्च 2023 में एएफटी चंडीगढ़ ने मेजर सुशील कुमार सैनी की विधवा अनुराधा सैनी के पेंशन लाभ में बढोतरी कर दी थी।

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी और न्यायमूर्ति विकास सूरी की पीठ ने हाल ही में एक आदेश में एएफटी के फैसले को सही ठहराते हुए बरकरार रखा।

ड्यूटी के दौरान प्राण गंवाने वाले सैनिकों को दी जाने वाली उदारीकृत पारिवारिक पेंशन, आम पेंशन से अधिक होती है।

केंद्र सरकार ने सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के आदेश को चुनौती दी थी और दावा किया कि इस मामले में उदारीकृत पारिवारिक पेंशन नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि अधिकारी का बंकर में सोते समय निधन हुआ था, जिसे परिचालन क्षेत्र में हुई मृत्यु नहीं माना जा सकता।

भाषा रंजन पवनेश

पवनेश