तेलंगाना निकाय चुनाव: भाजपा प्रत्याशी ने खुदकुशी की, पार्टी ने कांग्रेस पर दोष मढ़ा

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तेलंगाना निकाय चुनाव: भाजपा प्रत्याशी ने खुदकुशी की, पार्टी ने कांग्रेस पर दोष मढ़ा

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  • Publish Date - February 10, 2026 / 08:26 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 08:26 PM IST

हैदराबाद, 10 फरवरी (भाषा) तेलंगाना के नारायणपेट जिले में नगर निकाय का चुनाव लड़ रहे एक भाजपा प्रत्याशी ने मंगलवार को कथित रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी।

भाजपा ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी कांग्रेस के नेताओं द्वारा ‘उत्पीड़न किये जाने और धमकी दिये जाने’ के कारण उम्मीदवार को ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा कि भाजपा के नेता राज्य सरकार को दोषी ठहराकर इस घटना से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने संसद में यह मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के गृह जिले में उत्पीड़न, अपहरण और अन्य अत्याचार हो रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ रहे ई. महादेवप्पा (45) मक्तल स्थित अपने घर में सुबह करीब साढ़े चार बजे फांसी पर लटके मिले।

भाजपा की तेलंगाना इकाई ने उनके परिवार के लिए 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि घोषित की है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि फिलहाल, महादेवप्पा को (आत्महत्या के लिए) उकसाने का कोई प्रथम दृष्टया सबूत नहीं मिला है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं से इस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस ने कहा कि खुदकुशी की वजह का अबतक पता नहीं चल पाया है।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी ने यहां पत्रकारों को बताया कि इस घटना के सिलसिले में मामला दर्ज कर लिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘कोई ‘सुसाइड नोट’ नहीं मिला है, लेकिन मामले की जांच जारी है।’’

जब उनसे इस आरोप के बारे में पूछा गया कि इस आत्महत्या के पीछे किसी का हाथ है तो उन्होंने कहा कि जांच चल रही है तथा पुलिस उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आगे बढ़ेगी।

जब डीजीपी से यह पूछा गया कि क्या पुलिस ने स्वयं शिकायत लिखकर मृतक की बेटी से हस्ताक्षर ले लिए, तो उन्होंने इस आरोप को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हम शिकायत पत्र की सामग्री के आधार पर मामला दर्ज करेंगे।’’

इंसाफ की मांग करते हुए भाजपा ने तेलंगाना के डीजीपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। पुलिस वहां से कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को दूर ले गई।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने डीजीपी कार्यालय में घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने महादेवप्पा के शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से भेंट की।

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘अनुसूचित जनजाति के युवा नेता और वार्ड-6 से भाजपा उम्मीदवार महादेवप्पा को कांग्रेस नेताओं और उनके गुंडों के हाथों लगातार उत्पीड़न और माफिया शैली की धमकियों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण युवा आदिवासी नेता ने आत्महत्या कर ली।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की आदिवासी विरोधी मानसिकता कोई छिपी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति चुने जाने का विरोध करने से लेकर जमीनी स्तर के आदिवासी नेता को धमकाने तक, पार्टी की ‘आदिवासी समुदायों के प्रति अवमानना ​​की कोई सीमा नहीं है।’

भाजपा की एक विज्ञप्ति में राव ने कहा कि महादेवप्पा की पत्नी ने कहा कि उनके पति ने एक स्थानीय मंत्री के समर्थकों के दबाव के कारण यह चरम कदम उठाया, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर प्राथमिकी बदल दी है।

उन्होंने कहा कि पुलिस को ‘‘मूल प्राथमिकी’ में कोई बदलाव नहीं करना चाहिए।

राव ने शव परीक्षण कराने और महादेवप्पा को परेशान करने एवं धमकाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।

उन्होंने पोस्ट में कहा, “भाजपा परिवार हमारे कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ा है। यह स्पष्ट होना चाहिए: कांग्रेस की धमकियां हमें ज्यादा देर तक चुप नहीं रख पायेंगी।’’

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बी. संजय कुमार ने यहां एक बयान में कहा कि महादेवप्पा की कथित आत्महत्या “कांग्रेस द्वारा की गई हत्या” है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।

राज्य में नगर निकाय चुनाव 11 फरवरी को होंगे।

भाजपा के आरोपों का खंडन करते हुए प्रदेश कांग्रेस के मीडिया और संचार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष समा राममोहन रेड्डी ने कहा कि भाजपा नेता सत्तारूढ़ कांग्रेस को दोषी ठहराकर इस घटना से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि हो सकता है कि भाजपा नेताओं के दबाव के कारण उम्मीदवार ने आत्महत्या कर ली।

इस बीच, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि महादेवप्पा जिस वार्ड से उम्मीदवार थे, वहां चुनाव स्थगित कर दिया गया है।

भाषा राजकुमार अविनाश

अविनाश

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