नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने बुधवार को कहा कि वह संविधान, लोकतंत्र और संघीय ढांचे के लिए पैदा हुए ‘खतरों’ के खिलाफ लोगों को संगठित करने के उद्देश्य से छह से 15 अगस्त तक देशव्यापी राजनीतिक अभियान चलाएगी।
भाकपा महासचिव डी राजा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस अभियान के तहत गांवों, कस्बों और शहरों में मार्च, रैलियां, सम्मेलन और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए बेरोजगारी, महंगाई, ग्रामीण संकट, संघवाद, शिक्षा और चुनाव सुधार जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।
राजा ने कहा, ‘‘यह बहुत चुनौतीपूर्ण और बेहद चिंताजनक स्थिति है। देश कई तरह के संकटों से गुजर रहा है। मसलन, आर्थिक संकट, राजनीतिक संकट, सामाजिक और सांस्कृतिक संकट।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह जरूरी है कि हम लोगों तक पहुंचें, उन्हें संगठित करें और राष्ट्र, गणराज्य, संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रेरित करें।’’
भाकपा नेता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर व्यापक हमला करते हुए आरोप लगाया कि उसकी नीतियों ने आर्थिक संकट को और गहरा किया है।
उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि लोगों की क्रय शक्ति घट रही है।
राजा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बड़े-बड़े दावों के बावजूद अर्थव्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है।’’
राजा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार राज्यों की शक्तियों को कमजोर कर रही है और सहकारी तथा प्रतिस्पर्धी संघवाद के उसके दावे अब व्यवहार में दिखाई नहीं देते।
उन्होंने कहा, ‘‘अब न तो सहयोग बचा है और न ही संघवाद।’’
भाषा हक हक रंजन
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